Mhow Tribal Girl Gang Rape :
वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) ने महू की घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपए मुआवजा दिया है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (Home Minister Narottam Mishra) ने कांग्रेस को संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति नहीं करने को कहा है।

दरअसल आदिवासी युवती की संदिग्ध मौत पर क्षेत्र के लोगों ने पहले रास्ता जाम किया फिर थाने पर पथराव कर दिया। पथराव में कई लोग घायल हो गए। बचाव में पुलिस ने फायरिंग की और आंसू गैस के गोले दागे। इस हंगामें में कई पुलिसकर्मियों के गंभीर घायल हो गए। पुलिस ने एक बार आदिवासियों को खदेड़ दिया तो वे दूसरी बार फिर भीड़ जुटाकर आए और गोफन से हमला किया। हालात पर काबू करने के लिए इंदौर से भी पुलिस बल महू पहुंचा। इस दौरान गोली लगने से एक युवक की मौत हुई है।
युवती की मौत पर आदिवासियों का आरोप है कि मामला दबाया जा रहा है।
परिजनों ने आरोप लगाए कि दबंगों ने गैंगरेप के बाद लड़की की हत्या कर दी। लेकिन पुलिस गैंगरेप का मामला दर्ज नहीं कर रही थी, जिसके बाद परिजानों ने शव को थाने के सामने रखकर चक्काजाम करते हुए प्रदर्शन किया। जिसमें एक और युवक की जान चली गई, वहीं 12 से 13 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
डोंगरगांव चौकी पर पथराव करने के आरोप में 13 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की गई है। धारा 307 के साथ अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। वहीं 90 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। दरअसल इनकी पहचान वीडियो फुटेज से की जाएगी।

मीडिया में आई खबरों के अनुसार जिस युवक की मौत हुई है, उसकी पहचान 18 वर्षीय भेरूलाल आदिवासी के रूप में हुई है और युवक छोटी जाम का रहने वाला बताया जा रहा है। उसका शव एमवाय अस्पताल पहुंचाया गया जहां पीड़ित परिवार को रेडक्रॉस सोसाइटी की ओर से 10 लाख रुपए की सहायता दी गई है।
वहीं एसपी ने मृतक युवकी के परिजनों की शिकायत पर यदुनंदन पिता रामचरण पाटीदार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। रेप के आरोप की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में होगी तो धारा बढ़ाई जा सकती है।
लेकिन मृतक के परिजनों का कहना है कि पुलिस केस को गुमराह करना चाहती है। पाटीदार समाज के युवकों ने उनकी बेटी की साथ पहले गैंगरेप किया, फिर कानून से बचने के लिए युवती को करंट लगाकर मार डाला। इस मामले में शामिल पुलिस को सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर रही है। वहीं इस घटना के अलावा पुलिस ने मृतिका की मां-पिता और परिवार पर FIR दर्ज कर दिया।

कांग्रेस विधायक दल आदिवासी युवती के पिता से मिलने पहुंचा। युवती के पिता ने बताया कि आरोपी यदुनंदन की मां ने फोन कर अवगत कराया कि यहां आ जाओ। तुम्हारी बेटी का हाथ जल गया है। मैंने कहा कि मेरी बेटी तो यहां रूम पर रहती है तो वहां कैसे आ गई, मैं किसी को साथ में लेकर आऊंगा। क़रीब 30 मिनट बाद थाने से फोन आया कि आपकी बेटी का देहांत हो गया है। इसके बाद फिर पुलिसवालों के फोन पर हम गाड़ी लेकर वहां पहुंचे। मेरी बेटी को धामनोद से अगवा किया गया। वहीं युवक पाटीदार समाज का है।
जिस युवक यदुनंदन पर पीड़ित परिवार से आरोप लगाया है, उसका कहना है कि मृतका वो करीब डेढ़ साल से एक दूसरे से प्रेम कर रहे थे। करीब 6 दिन पहले वो मेरे घर रहने आ गई थी। आरोपी की मां ने बताया कि वो और उसका बेटा जब मजदूरी पर गए हुए थे, तब युवती घर में अकेली थी, तभी पानी गर्म करते समय करंट
लगने से उसकी मौत हो गई।
खैर अब सभी पोर्टमार्टम रिपोर्ट (Postmortem Report) का इंतजार है, क्योंकि उसी में सच का पता चल सकेगा। इस रिपोर्ट में ये पता चलेगा कि आखिर युवती की हत्या कैसे हुई है ? परिवार का आरोप कितना सही है और कितना गलत ? लेकिन इन सबके बीच सवाल तो पुलिस की कार्रवाई पर उठेंगे ही कि क्या देश प्रदर्शन करना गलत है ? और जो शिवराज सरकार प्रदर्शन में मरने वाले युवक पर दुख जता रही है, क्या उसके ऑडर के बिना ही पुलिस ने फायरिंग कर सकती थी ? जिसमें एक परिवार ने अपने 18 साल के युवा बेटे को खो दिया।
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