
सुप्रीम कोर्ट में मणिपुर हिंसा को लेकर केंद्र और मणिपुर सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (Tushar Mehta) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि "राज्य में स्थिति में धीरे-धीरे ही सही, सुधार हो रहा है।" सॉलिसिटर जनरल का कहना है कि "सिविल पुलिस के अलावा मणिपुर राइफल्स, सीएपीएफ की कंपनियां, सेना की 114 टुकड़ियां और मणिपुर कमांडो राज्य में स्थिति को सुधारने में जुटे हैं।"
सुप्रीम कोर्ट में कुकी समुदाय (Kuki Community) की तरफ से पेश हुए वकील कॉलिन गोंजाल्वेस ने तर्क दिया कि उग्रवादी एक समाचार कार्यक्रम में आए और कहा कि वे कुकी समूहों का सफाया कर देंगे, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई , आरोप लगाया कि कुकी समूहों के खिलाफ हिंसा ‘‘राज्य द्वारा प्रायोजित’’ थी। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने भड़कते हुए कहा कि कुकी समूहों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंजाल्वेज़ को चाहिए कि "वह मामले को सांप्रदायिक रंग न दें।"

मणिपुर में हिंसा लगातार जारी है। बिष्णुपुर जिले में 2 जुलाई को झड़प में तीन लोगों की मौत हो गई है, पांच लोग घायल हो गए हैं। मणिपुर की BJP सरकार और केंद्र सरकार विपक्ष के निशाने पर है, कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को हिंसा रोकने में विफल बताया।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी 29 जून को सरकारी हेलिकॉप्टर से मणिपुर के चूराचांदपुर पहुंचे। यहां रिलीफ कैंप में उन्होंने लोगों से मुलाकात की। उन्हें मोइरांग जाना था, लेकिन प्रशासन ने इसकी इजाजत नहीं दी। दौरे के दूसरे दिन राहुल गांधी ने राज्यपाल अनुसुइया उइके (Anusuiya Uike) से मुलाकात की। उन्होंने राहत शिविरों में शिशु आहार, दवा जैसी आवश्यक वस्तुओं की कमी पर चिंता जताई।
राहुल गांधी के राज्यपाल से मणिपुर में मिलने के बाद ही मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह (N Biren Singh) कुर्सी छोड़ने वाले थे। बीरेन ने राज्यपाल अनुसुइया उइके से मिलकर इस्तीफा सौंपने का मन बना लिया था। तभी सैकड़ों महिलाएं इंफाल में राजभवन के सामने पहुंचीं। महिलाओं ने बीरेन सिंह से इस्तीफा ना देने और हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की मांग की।

फिलहाल हिंसा जारी है, सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार को एक हफ्ते के अंदर रिपोर्ट पेश करनी है। मणिपुर में 3 मई से कुकी और मैतेई समुदाय के बीच हिंसा जारी है, हिंसा में अब तक 130 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 419 लोग घायल हुए हैं। 65,000 से अधिक लोग अपना घर छोड़ चुके हैं। आगजनी की 5 हजार से ज्यादा घटनाएं हुई हैं। 6 हजार मामले दर्ज हुए हैं और 144 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
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