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सदन में विपक्ष जल्द करना चाहता है अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा!

सदन में विपक्ष जल्द करना चाहता है अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा!
फोटो: सदन में विपक्ष जल्द करना चाहता है अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा!
केंद्र की मोदी सरकार 2.O को पहली बार संसद में अविश्वास प्रस्ताव (No Confidence Motion) का सामना करना होगा। संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session of Parliament) में कांग्रेस के लोकसभा उपाध्यक्ष और उत्तर पूर्व नेता गौरव गोगोई ने पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। विपक्षी की मांग है कि पीएम मोदी मणिपुर मुद्दें पर सदन में बोले। बड़ी बात ये है कि नरेंद्र मोदी सरकार को लोकसभा में कम से कम 332 सांसदों का समर्थन प्राप्त है, ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव का कोई खतरा सरकार पर दिखाई नहीं दे रहा है। भारत में अब तक लोकसभा में करीब 27 बार अविश्वास प्रस्ताव पेश हो चुका है।

parliament

 

लोकसभा (Lok Sabha) में विपक्षी दलों की तरफ से केंद्र सरकार के खिलाफ प्रस्ताव लाया जाता है, जिसे अविश्वास प्रस्ताव कहा जाता है, सरकार को सदन में बहुमत साबित करना होता है। नियम 1998 के तहत, कोई भी सदस्य सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे सकता है। जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष प्रस्ताव को सबके सामने पढ़ते हैं और समर्थन में 50 सदस्यों का होने के बाद इसे चर्चा के लिए मंजूरी दी जा सकती है। लोकसभा अध्यक्ष तय करते हैं कि प्रस्ताव को चर्चा और बहस के लिए स्वीकार किया जाए या नहीं। यदि प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाता है, तब अध्यक्ष चर्चा के लिए तारीख और समय तय करते हैं। अध्यक्ष प्रस्ताव पर चर्चा के लिए (लोकसभा नियमों के नियम 198 के उप-नियम (2) और (3) के तहत) समय दे सकते हैं। यदि अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो सरकार को इस्तीफा देना पड़ता है।

gourav gogoi

 

अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में बहस होती है। प्रस्ताव पेश किया जाता है और सरकार प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया देती है। इसके बाद विपक्षी दलों को प्रस्ताव पर बोलने का मौका मिलेगा। बहस के बाद लोकसभा अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग करती है। अगर सदन के सबसे ज्यादा सदस्यों ने इसका समर्थन किया तो प्रस्ताव पारित हो जाएगा।वहीं सरकार अविश्वास प्रस्ताव पर वोट जीत जाती है, तो प्रस्ताव गिर जाता है और सरकार सत्ता में बनी रहती।

pm modi

 

27 बार लोकसभा में केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जा चुका है। इंदिरा गांधी के खिलाफ 15 बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। हालांकि हर बार इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) की जीत हुई। सबसे पहले 1963 में जेपी कृपलानी (JP Kriplani) ने नेहरू सरकार के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया था। 1979 में मोरारजी देसाई (Morarji Desai) पहले प्रधानमंत्री बने, जिनकी अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सरकार गिरी। 2003 में सोनिया गांधी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर सदन गई। 2018 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ पेश किया गया अविश्वास प्रस्ताव 325-126 के मार्जिन से मोदी सरकार ने जीता।  

 

manipur burning

 

मणिपुर (Manipur Violence) में लगातार हो रही हिंसा और महिलाओं के साथ हो रहे यौन हिंसा को लेकर पूरे देश में आक्रोश है। सदन में विपक्षी नेता लगातार पीएम मोदी से जवाब मांग रहे हैं। इसी को लेकर नाराज गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) ने मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए हैं। सदन में सभी विपक्षी नेता काले कपड़ों में नजर आए, और अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की मांग की, अब देखना होगा कि लोकसभा अध्यक्ष प्रस्ताव पर चर्चा की तारीख कब देते हैं?  


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