
वहीं दूसरी तरफ डॉक्टरों ने साफ कहा कि सरकार केंद्ग के जैसे समान DACP लागू करें। अगर सरकार यह लागू नहीं करती है तो वो हड़ताल वापस नहीं लेंगे। ऐसे में भोपाल में मरीजों को अगर इलाज के लिए जाना है तो मरीज
1.गांधी मेडिकल कॉलेज
2. जेपी अस्पताल
3. काटजू अस्पताल
4. सिविल अस्पताल
5.रेलवे अस्पताल,
6.कस्तूरबा हॉस्पिटल, भेल
जाकर अपना इलाज करा सकते है।
ऐसे में आपको बता दे कि सरकार से डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा है।

आइए जानते है कि डॉक्टरों की क्या मांगे है उस ज्ञापन को जो सरकार को सौंपा गया है।
1. केंद्र की तरह प्रदेश के डॉक्टर्स के लिए DACP योजना का प्रावधान किया जाए|
2. स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल शिक्षा विभाग और ESI की सालों से पेंडिग विभागीय कमियों को दूर किया जाए|
3. चिकित्सा विभाग में टेक्नीकल विषयों पर प्रशासनिक अधिकारियों का हस्तक्षेप दूर किया जाए इत्यादि।

आइए अब आपको बताते है कि आखिर क्या है DACP?
DACP के जरिए डॉक्टरों की सैलरी को बढ़ाया जाता है। सैलरी में बढ़ोत्तरी और करियर में ग्रोथ के लिए DACP में बेहतरीन अवसर प्राप्त होते है। आपको बता दे ये पॉलिसी साल 2008 के बाद कई राज्यों में लागू कर दिया गया है। जबकि 14 साल बीत जाने के बाद भी इसे मध्य प्रदेश में लागू नहीं किया गया है। इसी बात से डॉक्टर नाराज है और हड़ताल पर चले गए है।

