यह है आरोप- लालू प्रसाद यादव पर आरोप है कि 2004 से 2009 तक रेलमंत्री रहते हुए उन्होंने ग्रुप डी में नौकरी देने के बदले अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर जमीन ट्रांसफर कराकर लाभ उठाया। यह नौकरी रेलवे के अलग अलग जोन के अंतर्गत दी गई जिसमें मुंबई, जबलपुर, कोलकाता जयपुर और हाजीपुर शामिल है।
इस मामले में पिछले साल 18 मई को लालू प्रसाद यादव उनकी बेटी मीसा भारती और पत्नी राबड़ी देवी सहित 17 अन्य लोगों पर प्राथमिकी की दर्ज की गई थी।
सीबीआई ने इस मामले में 3 जुलाई को सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट में पहली बार तेजस्वी यादव का नाम आया था। सीबीआई का कहना है कि पटना में लालू यादव के परिवार ने 1.05 लाख वर्ग फीट जमीन पर कथित तौर पर कब्जा कर रखा है। इन जमीनों का सौदा नकद में हुआ था। यानी, लालू परिवार ने नकद देकर इन जमीनों को खरीदा था। सीबीआई के मुताबिक, ये जमीनें बेहद कम दामों में बेच दी गई थीं।
अब इस मामले की सुनवाई 21 सितंबर को होगी।

