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चंद्रयान-3 हिन्दुस्तान का इतिहास रचने के लिए हुआ तैयार !

चंद्रयान-3  हिन्दुस्तान का इतिहास रचने के लिए हुआ तैयार !
फोटो: चंद्रयान-3 हिन्दुस्तान का इतिहास रचने के लिए हुआ तैयार !
चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) अपनी ऐतिहासिक चंद्र लैंडिंग के बेहद करीब पहुंच गया है।इस मिशन पर भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया की नज़र है। इस बार पूरी उम्मीद है कि चंद्रयान-3 चांद पर सफलतापूर्वक लैंडिंग करेगा। चंद्रयान-3 का लैंडर  23 अगस्त 2023 को शाम करीब 6:25 बजे चंद्रमा पर उतरेगा, चंद्रयान-3 की लैंडिंग को इसरो (ISRO) की वेबसाइट (Isro.gov.in) या MOLITICS के यूट्यूब चैनल (MoliticsIndia) पर देखा सकते है।

चंद्रयान-3

 

इसरो के अंतरिक्ष केंद्र से शाम 5:44 बजे विक्रम लैंडर (Vikram Lander) के लिए आखिरी कमांड पार्सल (Command Parcel) की जरूरत है, ये कमांड आखिरी है और इसके बाद विक्रम लैंडर को ये काम खुद ही करना होगा। यानी लैंडिंग की जगह पर मौजूद रेस्टोरेंट से लेकर सतह पर उतरने और दर्शन के लिए बाहर आने तक के सारे फैसले वह खुद लेंगे।


इस बार पहले की तरह गलती को दोहराया नहीं जाएगा।

इसरो ने इस बार ऐसी तैयारी की है ताकि चार साल पहले चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) के दौरान जो गलती हुई थी वह इस बार न हो। लेकिन इस मिशन में कई मुश्किलें भी आएंगी।इसरो प्रमुख एस.सोमनाथ ने बताया था कि जब चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग हो रही होगी तो उसकी दिशा सबसे अहम होगी। क्योंकि पहले ये हॉरिजॉन्टल होगा फिर इसे 90 डिग्री वर्टिकल आना होगा। इसके बाद इसकी गति भी धीमी करनी होगी, यहां हर सेकंड महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके चूकने पर कुछ भी हो सकता है।


चंद्रयान-3

 

यहां ये भी समझना जरूरी है कि चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 की लैंडिंग में सबसे बड़ा अंतर क्या है.? 

चंद्रयान-2 में लैंडिंग साइट 500 मीटर थी, जबकि चंद्रयान-3 में 4 किमी. 2.5 किमी. है, यानी इस बार चंद्रयान-3 को लैंड करने के लिए अधिक जगह मिलेगी, साथ ही इस बार थ्रस्टर्स पर अधिक ज़ोर दिया गया है ताकि लैंडिंग से ठीक पहले गति को कंट्रोल किया जा सके।



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