29 व 30 जुलाई को I.N.D.I.A गठबंधन के 21 सांसदों ने हिंसा प्रभावित राज्य मणिपुर का दौरा किया था। मणिपुर से लौटने के बाद सांसदों ने कहा था कि यह हम सभी के लिए एक कठिन दिन रहा। आपको बता दें मणिपुर में बीते 3 मई को कुकी जनजाति (Kuki People) की ओर से निकाले गए आदिवासी एकता मार्च' के दौरान हिंसा भड़क गई और इस दौरान कुकी और मैतेई समुदाय (Meitei Community) के बीच हिंसक झड़प हो गई, तभी से मणिपुर में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
आज INDIA गठबंधन के 31 सदस्य राष्ट्रपति महोदया से मिले।
— Congress (@INCIndia) August 2, 2023
INDIA गठबंधन के डेलिगेशन ने मणिपुर में जो देखा, उसे राष्ट्रपति महोदया के सामने रखा। हमने उन्हें बताया कि राहत शिविरों में लोगों को समय पर राशन और दवा भी नहीं मिल पा रही है।
मणिपुर को लेकर हमने राष्ट्रपति महोदया को एक… pic.twitter.com/cLtaxyxBfU
मणिपुर से लौटने के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) ने कहा कि हम 4 राहत शिविरों में गए और लोगों का दर्द सुना। महिलाएं यह बताते हुए रो पड़ीं कि कैसे उन पर हमला किया गया। तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव (Sushmita Dev) ने कहा कि पूरा विपक्ष मणिपुर के साथ खड़ा है वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माजी (Mahua Maji) ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने दावा किया कि मणिपुर में शांति लौट आई है, लेकिन शांति कहां है? राज्य अभी भी जल रहा है। DMK सांसद कनिमोझी (Kanimozhi) ने कहा कि मणिपुर के लोग सरकार द्वारा अपमानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया यहां के लोगों को लगता है कि सरकार ने हस्तक्षेप नहीं किया।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने कहा- "हमारे साथियों ने बताया कि मणिपुर हिंसा में हजारों की संख्या में अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल हो रहा है।
मणिपुर में दो समुदायों के बीच जारी लड़ाई को शांत करने के लिए प्रधानमंत्री को वहां जाना चाहिए।
पहले भी कई बार सदन में नियम 267 के तहत अनुमति दी गई है, लेकिन ये सरकार बात सुनने को तैयार ही नहीं है।हमने मणिपुर के साथ हरियाणा में जारी हिंसा की बात भी राष्ट्रपति महोदया के सामने रखी है।"
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