AAP convenor Arvind Kejriwal sought PM Narendra Modi's degree under RTI Act -
आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने RTI कानून के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की डिग्री की जानकारी मांगी थी, इस मामले में मुख्य सूचना आयुक्त ने गुजरात यूनिवर्सिटी (Gujarat University) 29 अप्रैल 2016 को RTI ACT के तहत डिग्री दिखाने का आदेश दिया था। जिसके ख़िलाफ़ गुजरात यूनिवर्सिटी ने हाईकोर्ट में अपील कर दी।
इस मामले में गुजरात उच्च न्यायालय (Gujarat High Court) ने 31 मार्च को अपना फैसला सुनाया जिसमें मुख्य सूचना आयुक्त के आदेश को ख़ारिज कर किया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगा दिया। गुजरात यूनिवर्सिटी के याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति बीरेन वैष्णव कहा जुर्माने की राशि को चार सप्ताह के भीतर गुजरात राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा कराया जाए। उन्होंने आगे कहा गुजरात विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर डिग्री सर्टिफिकेट डाले जाने और इस तथ्य के बावजूद प्रतिवादी हाईकोर्ट में कानूनी कार्यवाही पर कायम रहा। इस याचिका को स्वीकार करते हुए जुर्माना लगाने का यह एक और कारण है।
गुजरात यूनिवर्सिटी ने कहा-
यूनिवर्सिटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री वर्ष 2016 में ही अपनी वेबसाइट पर डाल दिया था। यूनिवर्सिटी के पास विश्वसनीयता के आधार पर लाखों की तादाद में डिग्रियां मौजूद हैं, और इस पर RTI अधिनियम लागू नहीं होता। यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा कि जहां तक प्रधानमंत्री की डिग्री का ताल्लुक है, उसमें छिपाने के लिए कुछ नहीं था। अरविंद केजरीवाल ने यह मांग केवल राजनीतिक रूप से मुद्दे को सनसनी खेज़ बनाने के लिए की है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीएम ने ट्वीट कर कहा- "क्या देश को ये जानने का भी अधिकार नहीं है कि उनके PM कितना पढ़े हैं? कोर्ट में इन्होंने डिग्री दिखाए जाने का ज़बरदस्त विरोध किया। क्यों? और उनकी डिग्री देखने की माँग करने वालों पर जुर्माना लगा दिया जायेगा? ये क्या हो रहा है?"
क्या देश को ये जानने का भी अधिकार नहीं है कि उनके PM कितना पढ़े हैं? कोर्ट में इन्होंने डिग्री दिखाए जाने का ज़बरदस्त विरोध किया। क्यों? और उनकी डिग्री देखने की माँग करने वालों पर जुर्माना लगा दिया जायेगा? ये क्या हो रहा है?
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) March 31, 2023
अनपढ़ या कम पढ़े लिखे PM देश के लिए बेहद ख़तरनाक हैं https://t.co/FtSru6rddI
AAP करेगी हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील-
आम आदमी पार्टी की गुजरात इकाई ने कहा कि वह इस आदेश के खिलाफ खंडपीठ के समक्ष अपील दायर करेगी, आप गुजरात के लीगल सेल के अध्यक्ष प्रणव ठक्कर (AAP Gujarat Legal Cell President Pranab Thakkar) ने कहा कि इस फैसले के साथ, नागरिकों ने प्रधानमंत्री की डिग्री के बारे में जानकारी मांगने का अधिकार खो दिया है। इस मामले में प्रतिवादी अरविंद केजरीवाल पर जुर्माना लगाने से भी हमें हैरानी हुई है। हम इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस आदेश के खिलाफ जल्द ही एक खंडपीठ का रुख करेंगे।
बीजेपी नेता व आईटी सेल प्रमुख ने केजरीवाल पर साधा निशाना-
BJP के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, "गुजरात हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को फटकार लगाई... प्रधानमंत्री की डिग्री के बारे में तुच्छ याचिकाएं दायर करने के लिए उन पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया।प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट कर कहा-
Gujarat High Court slams Arvind Kejriwal, imposes a fine of Rs 25,000 on him for filing frivolous petitions, asking about Prime Minister’s degree… https://t.co/oc6ySPTowW
— Amit Malviya (@amitmalviya) March 31, 2023
"झूठ बोलना और अप्रिय टिप्पणी करना, प्रधानमंत्री के पद के बारे में झूठ फैलाना फैशन बन गया है और केजरीवाल इस संबंध में राहुल गांधी के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा में हैं, लेकिन आज उन्हें हाईकोर्ट ने उनकी जगह दिखा दी है... उम्मीद है कि केजरीवाल अब राहुल की तरह न्यायपालिका पर अपमानजनक टिप्पणी नहीं करेंगे"
Lying & making obnoxious remarks , peddling lies against the chair of the PM has become a fashion & Kejriwal is in strong competition with Rahul Gandhi in this regard. But today he has been shown his place by High Court !
— Shehzad Jai Hind (@Shehzad_Ind) March 31, 2023
Hope Kejriwal ji doesn’t make scurrilous comments on… https://t.co/AlNzNtCQhP
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