Molitics Logo
होम पिछले तीन सालों में लापता हुई महिलाओं का अपराधी कौन?

पिछले तीन सालों में लापता हुई महिलाओं का अपराधी कौन?

पिछले तीन सालों में लापता हुई महिलाओं का अपराधी कौन?
फोटो: पिछले तीन सालों में लापता हुई महिलाओं का अपराधी कौन?
"बहुत हुआ महिलाओं पर वार अबकी बार मोदी सरकार", यह नारा तब दिया गया जब देश में शायद महिलाओं पर अत्याचार का मामला ज्यादा था, लेकिन अभी एक ऐसे समय जब हर कोई महिला सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहा है यह आंकड़े विचलित करने वाले है कि साल 2019 से 2021 के बीच यानी सिर्फ़ तीन साल में देश भर में 13 लाख से अधिक लड़कियां और महिलाएं लापता हुई हैं। गायब होने वाली लड़कियों में अच्छी-खासी संख्या नाबालिग लड़कियों की भी है। इसका मतलब है कि नारी सुरक्षा का मामला बहुत ही गंभीर है।

google photo

 


देशभर में तीन साल में 13.13 लाख से अधिक लड़कियां और महिलाएं लापता हो गई है। पिछले सप्ताह संसद (Parliament) में पेश किए गए आकड़ों के अनुसार 2019 से 2021 के बीच 18 साल से अधिक उम्र की 10,61,648 महिलाएं और लड़कियां गायब हुई। संसद में बताए गए डाटा के हिसाब से मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) से सबसे ज्यादा लड़कियां गायब हुई। उसके बाद दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल (West Bengal) में महिलाएं और लड़कियां लापता हुई है। आपको बता दें की 10,61,648 महिलाएं 18 साल से अधिक और 2,51,430 लड़कियां और 18 साल से कम लड़कियां  लापता हुई। और साल 2019 से 2022 के बीच कुल 13.13 लाख से अधिक लड़कियां गायब हुई है।

यह डाटा राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Records Bureau) यानी (NCRB) द्वारा संकलित किया गया था। केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली (Delhi) में लड़कियों और महिलाओं के लापता होने की संख्या सबसे अधिक रही है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में साल 2019 से 2021 के बीच 61, 054 महिलाएं और 22,919 लकड़ियां लापता हुई। जम्मू (Jammu) में बीते साल में 8,617 महिलाएं और 1,148 लड़कियां लापता हुई है।


google photo

 


सबसे अधिक किस राज्य की लड़कियां गायब हुई -

 • साल 2019 से 2021 के बीच सबसे अधिक मध्यप्रदेश से उसके बाद बंगाल में गायब हुई महिलाएं।

 • केंद्र शासित प्रदेशों में से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लापता हुई लड़कियां और महिलाएं।


गायब हुई महिलाएं और लड़कियों के आंकड़े -

 • मध्यप्रदेश से 1,60,180 महिलाएं और 38,234 लड़किया गायब हुई है।

 • बंगाल में 1,56,905 महिलाएं और 36,606 लड़कियां लापता हुई है ।

 • महाराष्ट्र में 1,78,400 महिलाएं और 13,033 लड़कियां गायब हुई है।

 • ओडिशा में 70,222 महिलाएं और 16,649 लड़कियां गायब हुई है। 

 • छत्तीसगढ़ में 49,116 महिलाएं और 10,817 लड़कियां गायब हुई है।

. 

 महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार की तरह से शुरू की गई पहल?

सरकार ने संसद को यह भी बताया कि उसने देश भर में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई तरह के पहल की है। इनमें यौन अपराधों के प्रभारी रोकथाम के लिए कानून को लागू करना शामिल है। आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 2018 (Criminal Law Amendment Act 2018) में 12 साल से कम उम्र की लड़कियों से दुष्कर्म के लिए मृत्युदंड सहित कठोर दंडात्मक प्रविधान किया गया है। इस कानून में दुष्कर्म मामलों में दो महीनों में जांच पूरी करने और Charch Sheet दाखिल करने और अगले दो महीने में सुनवाई पूरी करने का भी प्रविधान किया गया है।

google photo

 

ऐसे में सवाल यह है कि, आखिर इतनी बड़ी संख्या में कहां गायब हो रही हैं लड़कियां और महिलाएं? 

यह वह प्रश्न है, जिसका उत्तर नीति-नियंताओं के साथ ही समाज को भी देना होगा, क्योंकि यह ऐसा मामला नहीं, जिसके लिए केवल सरकारों को कठघरे में खड़ा कर कर्तव्य की शुरुआत कर ली जाए। गायब होती लड़कियों और महिलाओं के मामले में समाज भी उत्तरदायी है। उसे अपने अंदर झांकना होगा और खुद से यह सवाल करना होगा कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? 

इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती जो सरकार और विपक्ष मणिपुर के वीडियो वायरल मामले (Manipur Video Viral Case) और वहां की स्थिति को देख कर संसद में चर्चा करनी चाहती है। उस सरकार और विपक्ष (Opposition) को यह भी एक बार सोचना चाहिए आखिर लड़किया और महिलाएं कहा गायब हो रहीं है, क्योंकि यह मामला एक या दो नही है  बल्कि क़रीब 13.13 लाख मामले है।


 

यह भी पढ़ें - भारत में बढ़ता "रोजगार संकट" और श्रमिकों की बदहाली !