ग्रेटर नोएडा में 50 गांव के किसान दे रहे धरना!
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण दफ्तर के बाहर पिछले 4 महीनों से किसान अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए धरने पर बैठे हुए हैं। किसानों के इस धरने में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चें भी शामिल हैं। धरना दे रहे किसानों ने "डेरा डालो, घेरा डालो" अभियान के तहत प्राधिकरण के दोनों मुख्य द्वारों पर ताला जड़ दिया। अन्नदाताओं मांग है कि बढ़ा हुआ मुआवजा, 64.7 प्रतिशत, 6 प्रतिशत, 7 प्रतिशत और 10 प्रतिशत आबादी भूखंडों से जुड़े मामले लटके हुए हैं। उन्हें जल्द निस्तारण किया जाए। इसके अलावा आबादी निस्तारण, बैकलीज मामले, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल रेलवे कॉरिडोर से प्रभावित किसानों की मांग खत्म नहीं हो रही है, रोजगार और शिक्षा में भी किसानों को आरक्षण दिया जाए। किसान अपनी इन मांगों को पूरा करने के लिए पिछले 120 दिनों से ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं। इसमें क़रीब 50 गांवों के किसान इस धरना प्रदर्शन में शामिल हुए हैं। किसानों की धरने के दौरान पुलिस के साथ जमकर नोकझोक भी हुई है। इस किसान आंदोलन का नेत्रत्व कर रहे अतुल यादव ने कहा कि आज पूरे तरीके से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर सभी किसानों ने ताला लगा दिया है। 12 तारीख का आज तालाबंदी का प्रोग्राम था। आने वाली 17 सितम्बर को रेल रोकने का भी प्लान है। साथ ही सितंबर को नोएडा अथॉरिटी को भी बंद करवा देंगे या तो किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाए या फिर प्राधिकरण के अधिकारी अपने-अपने घर चले जाएं। हमें किसी मुआवजे की जरूरत नहीं है, जो जमीन अथॉरिटी ने किसानों के लिए थी वह वापस कर दी जाए। किसानों में पूरा आक्रोश है, अपने बच्चों के भविष्य के लिए कुर्बानी भी दे सकते हैं। इस पूरे आंदोलन में राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी सहित आज़ाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण भी शामिल हुआ , रावण ने तो सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की जिसमें वह ताला लिए थे दिखाई दे रहे हैं। देश में किसान अलग - अलग समस्याओं से ग्रसित हो रहे हैं और उनकी सुनी नही जा रही है।
