
क्या है मामला?
2019 में CBI ने धनशोधन का मामला दर्ज किया था। FIR में आरोप है कि मोजर बेयर इंडिया लिमिटेड (Moser Baer India Limited) और उसके प्रमोडरों ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 354.41 करोड़ रुपए का लोन लिया। इस लोन के पैसों के साथ हेरा फेरी की। जिसके बाद बैंक ने CBI में कंपनी और उसके प्रमोडरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। CBI और ED ने कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी के साथ-साथ उनके माता-पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। वहीं रतुल पुरी को 2019 में ईडी ने गिरफ्तार किया था। हालांकि अभी वह जमानत पर है।CBI और ED ने पुरी परिवार, संजय जैन और विनीत शर्मा सहित अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering), धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप दर्ज किए हैं।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) ने CBI को अपनी शिकायत में कहा कि रतुल पुरी ने 2012 में मोजर बेयर इंडिया लिमिटेड (Moser Baer India Limited) में कार्यकारी निदेशक के पद से इस्तीफा दे दिया था।लेकिन उनके अभिभावक बोर्ड में थे। बैंक ने अपनी शिकायत में कहा कि मोजय बेयर ने 2009 में अलग-अलग बैंकों से कर्ज लिया था। वहीं ईडी ने अदालत को बताया कि भटनागर ने बैंक ऑफ सिंगापुर (Bank of Singapore) में प्रिस्टिन रिवर इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (Pristine River Investments Limited) नामक कंपनी के लिए बैंक खाता खुला। वह इसके रिलेशनशिप मैनेजर थे।
अब ED के इस एक्शन को अगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि जिस तरह से लगातार चुनावों से पहले उन राज्यों में ईडी और सीबीआई का एक्शन देखने को मिलता है। उसके बाद से लगातार विपक्ष मोदी सरकार और विपक्ष पर आरोप लगाता रहता है कि चुनाव के फायदे के लिए सत्ताधारी पार्टी सरकारी संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है।
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