
दर्शन के परिवार ने क्या कहा-
परिवार का आरोप है की उनके बेटे ने आत्महत्या नहीं की बल्कि सुनियोजित तरीके से हत्या हुई है। दर्शन के पिता का कहना है कि दर्शन ने अपने साथ हो रहे भेदभाव को लेकर कॉलेज में शिकायत भी दर्ज कराई थी और विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की। परिवार ने कहा कि दर्शन एक होनहार छात्र था, उसने एक साल की तैयारी के बाद बीटेक कोर्स में दाखिला लिया और उसके दसवीं में 83% नंबर आए थे। परिजनों ने ये भी कहा कि दर्शन कभी भी आत्महत्या नहीं कर सकता, बल्कि वो उन लोगों को डांटता था, जो आत्महत्या करने के बारे में सोचते हैं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि वो बहुत महत्वाकांक्षी था और चार लोगों के परिवार की एकमात्र उम्मीद था।

छात्र संगठनों ने लगाया जातिगत भेदभाव का आरोप-
IIT कैंपस के APPSC-IIT अंबेडकर- पेरियार- फुले स्टूडेंट स्कूल छात्र संगठन के तरफ से दर्शन सोलंकी को लेकर एक प्रेस रिलीज जारी किया गया। जिसमें छात्र संगठन का आरोप है कि दर्शन सोलंकी ने इसलिए आत्महत्या की क्योंकि कैंपस में उसको जाति को लेकर परेशान किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, IIT बॉम्बे की तरफ से दर्शन सोलंकी की मौत की जांच करने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया।
दर्शन की मां का कहना -
इस मामले को लेकर दर्शन की मां का कहना है कि "वो हमारा इकलौता बेटा था और ये साफ तौर पर हत्या का मामला है। हमें निष्पक्ष और जल्दी न्याय चाहिए और इस घटना के जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए।"
दलित एक्टिविस्ट ने लिखा कि "एक और रोहित वेमुला....! यार हम सो कैसे रहे हैं... एक और रोहित वेमुला देश के सामने जातिगत भेदभाव के चलते आत्महत्या कर बैठा।
IIT बॉम्बे में दलित छात्र दर्शन से छात्र दूरी बना रहे थे क्योंकि वो दलित था और उसने तंग आकर अपनी जान दे दी, इंडिया गेट से लेकर देश के हर कोने में आंदोलन होना चाहिए। संवैधनिक लड़ाई।" यार हम सो कैसे रहे हैं... एक और रोहित वेमुला देश के सामने जातिगत भेदभाव के चलते आत्महत्या कर बैठा। कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवानी ने भी लिखा "जातिगत भेदभाव के कारण 19 वर्षीय दर्शन सोलंकी को IIT मुंबई में आत्महत्या करने को मजबूर होना पड़ा।
दर्शन के न्याय के लिए 19 तारीख़ को हम अहमदाबाद शहर में केंडल मार्च करेगें।" जातिगत भेदभाव के कारण 19 वर्षीय दर्शन सोलंकी को IIT मुंबई में आत्महत्या करने को मजबूर होना पड़ा। मुंबई पुलिस ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-बंबई के कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्र दर्शन सोलंकी के माता-पिता के बयान दर्ज करने के लिए गुजरात का दौरा किया, ये एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि पवई पुलिस का तीन सदस्यीय दल अहमदाबाद शहर के मणिनगर में सोलंकी के घर पहुंचा। यह प्रमुख संस्थान पवई पुलिस के अधिकार क्षेत्र में (आईआईटी-बी) में आता है।
IIT बॉम्बे में दलित छात्र दर्शन से छात्र दूरी बना रहे थे क्योंकि वो दलित था और उसने तंग आकर अपनी जान दे दी, इंडिया गेट से लेकर देश के हर कोने में आंदोलन होना चाहिए। संवैधनिक लड़ाई।
दर्शन के न्याय के लिए 19 तारीख़ को हम अहमदाबाद शहर में केंडल मार्च करेगें। #JusticeForDarshanSolanki pic.twitter.com/E86WrM81f1
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