शिक्षक, अर्थशास्त्री, गणितज्ञ, राजनीतिज्ञ व भाजपा के तेज तर्रार नेता सुब्रमण्यम स्वामी उन लोगों में से हैं, जो आसानी से हार नहीं मानते या आसानी से कुछ नहीं भूलते। हमेशा चर्चा में रहने वाले सुब्रमण्यम स्वामी एक बार फिर अपने खुलासे की वजह से फिर ख़बरों में छाएं हैं| सुब्रमण्यम स्वामी उन नेताओं में गिने जाते हैं जो अपने पार्टी के गतिविधियों पर भी सवाल करते रहते हैं|
इस बार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नए गवर्नर पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि शशिकांत दास भ्रष्टाचार में लिप्त रहे हैं। मंगलवार (11 दिसंबर) रात एएनआई से हुई बातचीत में स्वामी बोले, “दास को आरबीआई गवर्नर के तौर पर नियुक्त करना गलत फैसला है, क्योंकि वह पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेसी नेता पी.चिदंबरम के साथ भ्रष्टाचार संबंधी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। यही नहीं, स्वामी ने यह भी कहा की दास, चिदंबरम को अदालती मामलों में बचाने की कोशिश कर चुके हैं।फिर भी मालूम नहीं क्यों यह फैसला लिया गया। स्वामी ने आरबीआई गवर्नर की नियुक्ति पर अपने विरोध को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है।
अब देखना यह है की बात बात पर कांग्रेस को कोसने वाली बीजेपी पी.चिदंबरम के साथ भ्रष्टाचार संबंधी गतिविधियों में लिप्त रहे शशिकांत दास के मामले पर क्या सफाई देती है| लेकिन एक बात जो साफ़ है की इतने ऊँचे ओहदे पर किसीको बैठाने के लिए सरकार ने हर स्तर पर विश्लेषण जरूर किया होगा और अगर विश्लेषण के बावजूद भी शशिकांत दास की नियुक्ति इस पद पर की गयी है तो जरूर इसमें किसी की सांठ गाँठ हो सकती है| अगर सच में ऐसा है तो क्या भाजपा भी उसी राह पर है जिस राह पर कांग्रेस थी ?

