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New Parliament Building : नए संसद भवन पर छिड़ा सियासी संग्राम, सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज की याचिका !

New Parliament Building : नए संसद भवन पर छिड़ा सियासी संग्राम, सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज की याचिका !
फोटो: New Parliament Building : नए संसद भवन पर छिड़ा सियासी संग्राम, सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज की याचिका !
मौका कोई भी हो मोदी सरकार उसे बड़े इवेंट में बदलना बड़े अच्छे से जानती है। जनता के हित की बात मोदी जी करते नहीं है। लेकिन अपने मन की बात सभी को सुनाने के लिए PM नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) जी हर महीने के आखिरी रविवार को जरुर रेडियो पर आकर बोलते है। ऐसे में नए संसद भवन (New Parliament Building) के उद्घाटन को लेकर इसे बड़े मेगा इवेंट बनाने के लिए केंद्र सरकार ने अपने पार्टी के मुखिया से उद्घाटन कराने को लेकर कहा है। ऐसे में विपक्ष के साथ 19 पार्टी ने इसका विरोध किया है। लोकतंत्र के मंदिर को केंद्र सरकार ने न्याय के द्वार पर ला कर खड़ा दिया है।


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आपको बता दे कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में 26 मई 2023 को संसद का उद्घाटन राष्ट्रपति से करवाने की याचिका पर सुनवाई होगी, एडवोकेट जया सुकिन ने यह याचिका लगाई थी। याचिका में कहा गया है कि लोकसभा सचिवालय ने राष्ट्रपति को उद्घाटन में न बुलाकर संविधान का उल्लंघन किया है। इतना ही नहीं याचिका में आगे कहा गया है कि- PM को राष्ट्रपति नियुक्त करते हैं। उसके बाद PM की सलाह पर मंत्रियों को नियुक्त करते हैं। राष्ट्रपति के पास संवैधानिक पदाधिकारियों को नियुक्त करने के अधिकार हैं। ऐसे में उन्हें नई संसद के उद्घाटन में नहीं बुलाना राष्ट्रपति पद का अपमान है। इस मामले में लोकसभा सचिवालय, गृह मंत्रालय और कानून मंत्रालय को पार्टी बनाया गया है।

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28 मई को देश को नया संसद भवन मिलने वाला है लेकिन इसके उद्घाटन पर सियासी बवाल मचा है। कांग्रेस समेत 20 विपक्षी दलों को PM नरेंद्र मोदी के उद्घाटन करने पर ऐतराज है। उन्होंने कार्यक्रम के बहिष्कार का ऐलान किया है, विपक्षी दलों का कहना है कि पीएम का उद्घाटन करना संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है। राष्ट्रपति से उद्घाटन न कराना, उनके पद का अपमान है। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने कांग्रेस के दो प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का उदाहरण दिया है। उन्होंने कहा कि जब इंदिरा संसद एनेक्सी का और राजीव संसद लाइब्रेरी का उद्घाटन कर सकते हैं तो पीएम मोदी क्यों नहीं?

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अब BJP के मंत्रियों को इस बात की जानकारी कौन दे कि - संसद भवन एनेक्सी 3 अगस्त 1970 को उस वक्त के राष्ट्रपति वी वी गिरी (V. V. Giri) ने आधारशिला रखी थी, जबकि 24 अक्टूबर 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उद्घाटन किया था। वहीं संसद लाइब्रेरी बिल्डिंग को लेकर 15 अगस्त 1987 को उस वक्त के प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने नींव रखी। उद्घाटन 7 मई 2002 को उस वक्त के राष्ट्रपति के आर नारायणन (R Narayanan) ने किया था।


नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) से कराने का सरकार को निर्देश देने की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। बता दें कि इस संबंध में 26 मई को सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आर्टिकल 32 के तहत हम इस मामले की सुनवाई नहीं कर सकते हैं, हम इस मामले में दखल नहीं दे सकते। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने यह भी कहा कि हम जानते हैं कि आप ऐसी याचिकाएं क्यों दायर करते हैं, हम इस पर विचार करने के इच्छुक नहीं हैं। पीठ ने आगे कहा कि आप भाग्यशाली हैं कि हम आप पर जुर्माना नहीं लगा रहे हैं। याचिका पर जस्टिस जे के माहेश्वरी और जस्टिस पी एस नरसिम्हा की बेंच ने सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट की वकील सीआर जया सुकिन द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि उद्घाटन में राष्ट्रपति को शामिल नहीं करके केंद्र सरकार ने भारत के संविधान का उल्लंघन किया है।



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