भारत और चीन, एक बार फिर सीमा विवाद -
जब भी बात चीन और भारत की हो तो अरुणाचल प्रदेश का जिक्र न हो ऐसा हो नहीं सकता। जी हां, वही अरुणाचल प्रदेश जहां चीन और भारत दोनों की सीमा लगती हैं। इसी अरुणाचल प्रदेश की सीमा से लगे क्षेत्र की 11 जगहों के नाम चीन ने अपने नक्शे में बदल दिए हैं। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, चीन के द्वारा ऐसा पिछ्ले पांच साल में तीसरी किया गया है।
वहीं आपको बता दें कि 2021 में चीन के द्वारा 15 जगह के नामों में बदलाव किया गया था और 2017 में 6 जगहों के नाम बदले गए थे। ड्रेगन ने कभी भी अरुणाचल प्रदेश को भारत के राज्य के तौर पर नहीं देखा, वो अरुणाचल प्रदेश राज्य को दक्षिण तिब्बत का अभिन्न अंग बताता आया है। चीन हमेशा भारत पर यह आरोप लगाता रहा है कि 'भारत ने हमारे तिब्बत के क्षेत्र पर कब्जा करके उसे अरुणाचल बना दिया है।'
दलाई लामा के अरुणाचल दौरे से बौखलाया था चीन -
जब तिब्बत के राष्ट्राध्यक्ष और आध्यात्मिक गुरू दलाई लामा ने 4 अप्रैल 2017 को अरुणाचल प्रदेश में अपनी यात्रा की थी, जिससे चीन ने भड़क गया और अरुणाचल की करीब 6 जगहों के नाम बदल दिए थे। चीन के सरकारी अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' के अनुसार- सोमवार (3 अप्रैल) को चीन की सिविल अफेयर मिनिस्ट्री ने 11 नाम बदले जाने को मंजूरी दे दी। यह सभी इलाके जेंगनेन यानि चीन के दक्षिण राज्य शिजियांग के क्षेत्र में आते हैं। इनमें से 4 रिहायशी क्षेत्र हैं। इनमें से एक अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर से बेहद नजदीक है। वहीं पांच पहाड़ी क्षेत्र और दो नदियां हैं। चीन ने इन सभी हिस्सों के नाम मन्दारिन और तिब्बती भाषा में बदल दिए हैं।

इस बार भारतीय विदेश मंत्रालय ने साधी चुप्पी -
भारतीय विदेश मंत्रालय ने चीन के द्वारा 3 मार्च 2023 को अरूणाचल राज्य में 11 जगहों के नाम बदले जाने पर वर्तमान में कोई भी बयान जारी नहीं दिया है लेकिन वहीं साल 2021 में चीन के ऐसे ही कदम का भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने उस समय कहा था कि, 'अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है। नाम बदलने से सच्चाई नहीं बदलती। चीन ने 2017 में भी ऐसा ही कदम उठाया था। अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग था और हमेशा रहेगा।' इसी के साथ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था 'कि हमारी जमीन में कोई नहीं घुसा है।' हालांकि इस बयान को लेकर विपक्षी दलों ने उस समय प्रधानमंत्री मोदी को खूब घेरा था।

चीन और भारत देशों के बीच का विवाद -
- भारत और चीन में 3488 किलोमीटर लंबी LAC (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है। वहीं चीन अरुणाचल प्रदेश वाले हिस्से को भी विवादित मानता है।
- अरुणाचल की 1126 किलोमीटर लंबी सीमा चीन के साथ और 520 किलोमीटर लंबी सीमा भारत के साथ मिलती है।
- चीन का दावा है कि अरुणाचल पारंपरिक तौर पर दक्षिणी तिब्बत का इलाका है, वहीं भारत अक्साई चीन इलाके को अपना बताता है।
- 1962 के युद्ध में चीन ने अक्साई चिन वाले हिस्से को पूर्ण रूप से क़ब्ज़ा लिया था।
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