
दिल्ली में दो घंटे चली मीटिंग में हरियाणा के सियासी हालातों पर चर्चा की गई। बैठक का प्रमुख मुद्दा BJP-JJP गठबंधन (BJP-JJP Alliance) रहा। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस बैठक में प्रमुख रूप से शामिल हुए। इसमें हरियाणा के CM मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar), प्रदेश प्रभारी बिप्लब देब, प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ और हरियाणा BJP कोर ग्रुप के नेता मौजूद रहे।
हरियाणा में गठबंधन को लेकर घबराने की बड़ी वजह, हाल ही में हुए पार्टी के सर्वे में गठबंधन में लोकसभा चुनाव लड़ने पर पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ सकता है। इसके बाद से केंद्रीय नेतृत्व के साथ ही हरियाणा बीजेपी इकाई भी डरी हुई है। यही कारण है कि BJP ने राज्य की सभी 10 लोकसभा सीटों पर फोकस करना शुरू कर दिया है। JJP भी सरकार में सहयोगी BJP के संदेश को समझ गई है और 10 लोकसभा सीटों पर काम करना शुरू कर दिया है।

पिछले दिनों निर्दलीय विधायकों ने हरियाणा प्रदेश प्रभारी बिप्लब देब (Biplab Deb) से मुलाकात की थी, जिसके बाद से हरियाणा में BJP और अधिक एक्टिव मोड में नजर आने लगी है। 30 जून तक प्रदेश के कई जिलों में रैलियां है, इसलिए केंद्र से लेकर प्रदेश स्तरीय नेता रैलियों में व्यस्त हैं। गठबंधन को लेकर पार्टी ने सब कुछ तय कर लिया है। BJP जून के आखिर या जुलाई के शुरूआत में गठबंधन को लेकर हरियाणा में BJP बड़ा फैसला लेगी।

गठबंधन को लेकर केंद्रीय नेतृत्व के जल्द फैसला लिए जाने के आश्वासन के बाद हरियाणा राज्य इकाई के नेता काफी आश्वस्त नजर आ रहे हैं। इसकी वजह है कि बिप्लब देब के नेतृत्व में 4 निर्दलीय विधायक खुलकर BJP के साथ दिखाई दे रहे हैं। जिसमें धर्मपाल गोंदर, राकेश दौलताबाद, रणधीर सिंह और सोमवीर सांगवान का नाम शामिल है। निर्दलियों के साथ आने के बाद ही BJP हरियाणा में 46 का जादुई आकंड़ा पाने में सफल हो पाएगी।
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