बिहार प्रारंभिक शिक्षक नियोजन में हो रही देरी और सरकार की उदासीनता को देखते हुए अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर अपनी आवाज तेज करना शुरू कर दिया है, शुक्रवार को महिला अभ्यर्थियों ने यूथ फॉर स्वराज के साथ मिलकर फेसबुक लाइव का आयोजन किया।
यूथ फॉर स्वराज की जाह्नवी सोढा ने कहा- यह सवाल किसी एक भर्ती का नहीं है। सवाल यह है कि जो बेटी पूरे समाज से लड़कर पढ़ती है, अपने आप को काबिल बनाती है- उस बेटी को हमारी सरकारें समय से नौकरी भी नहीं दे पा रही हैं।
महिला शिक्षक अभ्यर्थियों की तरफ से कुमारी सुप्रिया और कुमारी पूनम ने अपनी बात रखते हुए बताया कि सरकार की उदासीनता के कारण आज लाखों अभ्यर्थी दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं। महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र नहीं हैं। जिस नियोजन प्रक्रिया को 2019 में ही पूर्ण हो जाना था उसको आज तक बिहार सरकार ने लटकाये रखा है।
अभ्यर्थियों का कहना था कि आज पूरे बिहार में कहीं भी जाकर देख लीजिए महिलाओं को अपना घर चलाने तक के लिए काम नहीं मिल रहा है। हम लोग भयंकर बेरोजगारी से पीड़ित हैं। अगर ये नियोजन जल्द पूर्ण नहीं होता तो कई लडकियों की शादी करा दी जाएगी। बड़ी बहनों को इस तरह परेशानी से गुजरते देख कई माता-पिता, रिश्तेदार छोटी बहनों की पढ़ाई को लेकर उत्साह नहीं दिखा रहे है।
अभ्यर्थी शगुफ्ता ने बताया कि कोरोना महामारी में पिता जी गुजर गए, पास में पैसे भी नहीं थे जो इलाज करवा पाएं। अगर हमें इस भर्ती में रोजगार मिल जाता तो शायद पिता जी को बचा पाती। हमने बड़ी मुश्किल से बीएड किया किया उसके बाद जब नौकरी का नंबर आया तो सरकार की तरफ से गैर जिम्मेदार रवैया देखने को मिला।
यूथ फॉर स्वराज की प्रीति नंदनी ने बताया की सीएमआईए के जनवरी से अप्रैल 2021 के आंकड़े कहते है कि महिलाओं में बेरोजगारी दर 61% है, हम यह पूछना चाहते है कि इसका जिम्मेदार कौन है। और मुख्यमंत्री जी इस से निपटने के लिए क्या कर रहे है?
अभ्यर्थी ज्योति अग्रवाल, नमिता, अदिति, मुन्नी, प्रीति शॉ आदि ने कहा कि सरकार हर बार बहाली मे कोई ना कोई पेच फँसा के रखती है। इस बार ब्लाइंड फेडरेसन केस की वजह से बहाली रुकी हुई है। इस केस में अगस्त 2020 में ही जबाब माँगा गया था और स्टे लगा था शिक्षा विभाग के ढुल मूल रवैया के कारण आज तक उस केस में अगली सुनवाई नहीं हो पायी है ब भी सुनवाई का डेट आती है तो सरकारी वकील या तो स्टडी करके नहीं जाते या तो अगली डेट मांग लेते है जिसके वजह से लाखों अभ्यर्थी परेशान है। सभी महिला अभ्यर्थियों यूथ फॉर स्वराज को महिला अभ्यर्थियों के लिए मंच प्रदान करने के लिए दिल से धन्यवाद कहा।
यूथ फॉर स्वराज शिक्षक अभ्यर्थियों की माँग और संघर्ष का पूर्ण समर्थन करता है तथा इस संघर्ष में सभी तरह से उनका सहयोग करेगा। यूथ फ़ॉर स्वराज बेरोजगारी के सवाल और खासकर महिला रोजगार के विषय पर बात और काम दोनों करने के लिए प्रतिबद्ध है।
ऑनलाइन चर्चा में पिंकी कुमारी, अन्नू शर्मा, अदिति, पूनम कुमारी, अमृता, सोनू शर्मा, सपना गुप्ता, कल्पना, सुप्रिया, प्रीति नंदनी, नम्रता, ज्योति अग्रवाल, शगुफ्ता, प्रीति शॉ आदि उपस्थित थे।

