Youtuber Manish Kashyap Fake Video Viral :
बिहार (Bihar) के मजदूरों के साथ तमिलनाडु (Tamil Nadu) में हुई मारपीट और हत्या की अफवाह की ख़बर इतनी तेजी से फैली कि बड़ी संख्या में बिहार (Bihar) के कामगार वापस लौट गए। एक के बाद एक कई झूठे वायरल वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया। वहीं बाद में पता चला कि ये फेक वीडियो (Fake Videos) हैं, इनका घटना से कोई लेना देना नहीं। आपको बता दे कि दैनिक भास्कर ने अपने रिपोर्ट में कहा- "करीब डेढ़ माह पहले तमिलनाडु (Tamil Nadu) के तिरुपुर में चाय की एक दुकान में सिगरेट के धुएं को लेकर उठा विवाद अफवाहों की वजह से इतना बड़ा बवंडर बन गया। विवाद हुआ तो उत्तरी भारतीय जुटे और स्थानीय लोगों को दौड़ा लिया। कुछ लोगों ने इसका वीडियो बनाकर उसे वायरल भी कर दिया, वहीं कुछ तमिल संगठनों ने इसे अपनी अस्मिता का मुद्दा बना दिया और फिर शुरू हो गया फेक वीडियो (Fake Videos) और अफवाहों का दौर। इसके बाद बाहरी कामगारों की प्रताड़ना की अफवाह से प्रवासियों के लौटने की शुरुआत हो गई।
फेक वीडियो वायरल (Fake Videos Viral) करने के मामले में लटकी गिरफ्तारी की तलवार :
फेक वीडियो वायरल (Fake Videos Viral) करने के मामले में बिहार (Bihar) की आर्थिक अपराध शाखा ने मनीष कश्यप और युवराज सिंह राजपूत (Manish Kashyap and Arjun Singh Rajput) को जल्द ही गिरफ्तार कर सकती है। इन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से फेक वीडियो (Fake Videos) को तमिलनाडु (Tamil Nadu) में बिहारी मज़दूरों पर अत्याचार बताकर पोस्ट किया था। फ़िलहाल अब इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है और पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें जगह-जगह छापेमारी भी कर रही हैं। बिहार पुलिस ने मनीष कश्यप के चार बैंक खाते फ्रीज कर दिए (Youtuber Manish Kashyap Banks Account Freeze ) हैं, जिनमें कुल 42.11 लाख रुपये की राशि है। बिहार पुलिस (Bihar Police) का कहना है कि इनके SBI के खाते में 3,37,496 रुपये, IDFC BANK के खाते में 51,069 रुपये, HDFC BANK के खाते में 3,37,463 रुपये मिले है। इसके अलावा SACHTAK Foundation के HDFC BANK के खाते में 34,85,909 रुपये जमा हैं।

बिहार पुलिस (Bihar Police) ने दी कार्यवाही की विस्तृत जानकारी -
तमिलनाडु (Tamil Nadu) में कामकाजी बिहार (Bihar) के निवासियों के लिए भ्रामक वीडियो को प्रसारित करने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई की अद्यतन कार्रवाई की गई। आर्थिक अपराध थाना काण्ड सं0-03/23 के प्राथमिकी अभियुक्त मनीष कश्यप एवं युवराज सिंह राजपूत के विरुद्ध गिरफ्तारी हेतु वारंट (Youtuber Manish Kashyap Yuvraj Singh Rajput Arrest Warrant) प्राप्त किया गया।
ऐसे बना फेक वीडियो ( Youtuber Manish Kashyap Fake Video Viral)-
बीएनएआर न्यूज (BNAR News) के राकेश रंजन कुमार सिंह (Rakesh Ranjan Kumar Singh) को गोपालगंज से गिरफ्तार किया और पूछताछ में पता चला कि वीडियो पटना के जक्कनपुर थाना क्षेत्र के बंगाली टोला में किराए के मकान में 6 मार्च 2023 बनाया गया। इस वीडियो में Janta Plus News के मालिक अनिल कुमार यादव और एक अन्य व्यक्ति आदित्य कुमार मजदूर बने थे। अनिल जमुई, आदित्य सीवान का है। मजदूर बनने के लिए मेडिकल स्टोर से कॉटन, पट्टी, हैंडी प्लास्ट, बैंडेज आदि खरीदी थी। यह वीडियो पैसा कमाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया के अलग अलग प्लेटफार्म पर 6 मार्च को अपलोड कर वायरल कराया गया। इस फेक वीडियो (Fake Video) को मनीष कश्यप (Manish Kashyap) ने 8 मार्च को अपने फेसबुक पर शेयर किया गया।
राकेश रंजन कुमार सिंह (Rakesh Ranjan Kumar Singh) ने बताया की वीडियो की रिकॉर्डिंग मोबाइल से की गई। इसे इस तरह शूट किया गया कि तमिलनाडु (TamilNadu) में बिहारी और हिन्दी भाषियों के साथ मारपीट हो रही है। राकेश रंजन कुमार सिंह (Rakesh Ranjan Kumar Singh) ने कहा उसको मनीष कश्यप (Manish Kashyap) ऐसे वीडियो बनाने के लिए प्रेरित किया, ताकि उसे प्रचारित कर अधिक से अधिक पैसा कमाया जा सके।
तमिलनाडु (TamilNadu) जांच के लिए गई टीम ने हिंसा की सभी वीडियो को फर्जी (Fake Videos) बताया-
तमिलनाडु (TamilNadu) में बिहारी श्रमिकों के साथ मारपीट और हमला के वीडियो आने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Bihar Chief Minister Nitish Kumar) ने डीजीपी (DGP) को टीम भेजकर जांच के आदेश दिए थे। बिहार (Bihar) से चार सदस्यीय विशेष दल ने 4 मार्च से 7 मार्च तक चेन्नई, तिरूपुर और कोयंबटूर जिलों में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और वहां रह रहे बिहार (Bihar) के लोगों से पूरे मामले पर बात की और ग्रामीण विकास विभाग के सचिव बालामुरुगन डी (Balamurugan D, Secretary, Rural Development Department) ने बताया कि 7 वीडियो जो बिहार (Bihar) के प्रवासी श्रमिकों के मोबाइल फोन पर पाए गए, वे सभी भ्रामक थे।

ग्रामीण विकास विभाग के सचिव बालामुरुगन डी (Balamurugan D, Secretary, Rural Development Department) के नेतृत्व वाली टीम ने पूरे मामले की जांच के बाद रिपोर्ट 10 मार्च को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सौंप दी गई।
यह भी पढ़ें - /article/1131/parliament-budget-session-live-opposition-mps-march-ed-office-adani

