
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 16 जून 2023 को दिल्ली के तीन मूर्ति भवन परिसर में मौजूद "नेहरू स्मारक संग्रहालय और पुस्तकालय सोसायटी" का नाम बदल दिया। अब इसका नाम "प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय सोसाइटी" कर दिया गया है। वहीं 8 सितंबर 2022 दिल्ली के "राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ" कर दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इसका उद्घाटन भी किया था। आपको बता दें कि यह रायसीना हिल पर राष्ट्रपति भवन से विजय चौक, इंडिया गेट और नेशनल वॉर मेमोरियल से होते हुए नेशनल स्टेडियम तक जाता है। हर साल गणतंत्र दिवस की परेड इसी पथ से होकर गुजरती है, लेकिन सालों से चले आ रहे इस नाम को मोदी जी ने बदल दिया।

इतना ही नहीं 2015 में दिल्ली के "रेसकोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग" कर दिया गया था। आपको बता दे कि इसी रोड पर प्रधानमंत्री आवास है। उसी साल "औरंगजेब रोड का नाम बदलकर एपीजे अब्दुल कलाम मार्ग" कर दिया गया था। 2017 में "डलहौजी रोड का नाम बदला गया और इसे दारा शिकोह मार्ग" कर दिया गया। मोदी जी के नाम बदलने की कोशिश हर उस जगह रही जिसका सबंध गांधी परिवार से रहा, इसी क्रम में 2017 में इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) के नाम पर आधारित "इंधिरा गांधी सेंटर ऑफ सस्टेनेबल डेवलपमेंट" का नाम केंद्र सरकार ने बदल दिया। इसे बदलकर "ऑक्सफोर्ड इंडिया सेंटर सस्टेनेबल डेवलपमेंट" कर दिया गया।

खैर मोदी जी नाम बदलने से अगर देश के इतिहास और महापुरुषों के योगदान को आप भारत की जनता के दिलों से मिटा तो नहीं सकते, लेकिन उनके नाम पर आप अपनी राजनीति तो कर ही सकते है। अगर वक्त मिलें तो नाम बदलने से पहले देश की विकास के रथ को, इसके GDP को बेरोजगारों को नौकरी देने में ध्यान लगाए तो जनता आपके नाम यूं ही याद रखेंगी।
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