अहमदाबाद विमान हादसे पर गलत रिपोर्टिंग
FIP द्वारा भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया के कुछ हिस्से “चुनिंदा और असत्यापित सूचनाओं” के आधार पर दुर्घटना के कारणों पर पूर्व-निर्णयात्मक रिपोर्टिंग कर रहे हैं। इससे न केवल शोकाकुल परिवारों को आघात पहुंचा है, बल्कि विमानन क्षेत्र में कार्यरत पायलटों के मनोबल पर भी असर पड़ा है।
संघ ने मीडिया से आग्रह किया है कि जब तक भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और अमेरिकी नेशनल ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बोर्ड (NTSB) की अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती, तब तक कोई भी अनुमान आधारित रिपोर्ट प्रकाशित न की जाए।
FIP ने 17 जुलाई 2025 को रॉयटर्स द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि यह रिपोर्ट “अटकलों और दोषारोपण” पर आधारित है। नोटिस में मांग की गई है कि रॉयटर्स न केवल रिपोर्ट की समीक्षा और संशोधन करे, बल्कि उसमें उचित अस्वीकरण जोड़े और उन हिस्सों को हटाए जिन्हें मृत पायलटों को दोषी ठहराने के रूप में समझा जा सकता है।
इस विवाद के बीच अमेरिका की संघीय एजेंसी नेशनल ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बोर्ड (NTSB) ने भी मीडिया की जल्दबाज़ रिपोर्टिंग की आलोचना की है। बोर्ड की अध्यक्ष जेनिफर होमेंडी ने कहा कि “मीडिया रिपोर्टें समय से पहले और अटकलों पर आधारित हैं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत के AAIB द्वारा अभी केवल प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की गई है और अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचने में समय लगेगा।
NTSB ने कहा कि वह AAIB की सार्वजनिक अपील का पूर्ण समर्थन करता है और सभी मीडिया संस्थानों से अपील की कि वे जांच पूरी होने तक संयम बरतें।





