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राष्ट्रीय • दिल्ली

अल्बानिया में हिंसक प्रदर्शनों के बीच सुप्रीम कोर्ट में आगजनी, संजय राउत ने भारत को दी नसीहत

संजय राउत ने भारत को अल्बानिया की घटनाओं से सीखने की सलाह दी है।

अल्बानिया में हिंसक प्रदर्शनों के बीच सुप्रीम कोर्ट में आगजनी, संजय राउत ने भारत को दी नसीहत
फोटो: Violent Protests in Albania Amid Supreme Court Arson; Sanjay Raut Advises India

अल्बानिया में प्रदर्शन और आगजनी

शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने अल्बानिया में चल रहे सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए भारत को इससे सीखने की सलाह दी है। उन्होंने सामाजिक मीडिया पर किए गए अपने पोस्ट में कहा कि अल्बानिया के लोग अपने प्रधानमंत्री पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण गुस्से में हैं, जो कि न्यायपालिका से समर्थन प्राप्त कर रहे हैं। इसी कारण प्रदर्शनकारी सरकारी संस्थानों पर हमला कर रहे हैं।


राउत ने एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें अल्बानिया के सुप्रीम कोर्ट की इमारत में आग लगती दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा, "अल्बानिया में लोगों ने सुप्रीम कोर्ट को जला दिया। जनता गुस्से में है क्योंकि न्यायपालिका एक भ्रष्ट प्रधानमंत्री की सहायता कर रही है। हर देश को इन घटनाओं से सीखना चाहिए, विशेष रूप से भारत को।"


भारत के सुप्रीम कोर्ट का रुख

हाल ही में भारत के सुप्रीम कोर्ट ने संजय राउत को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायपालिका पर की गई टिप्पणियों के संदर्भ में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। हालांकि, राउत को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट दी गई है। न्यायालय ने कहा कि पहले उनके उत्तर पर विचार किया जाएगा।


यह विवाद तब उत्पन्न हुआ जब प्रधान न्यायाधीश ने विपक्षी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल से व्यक्तिगत मुलाकात का अनुरोध स्वीकार करने से मना कर दिया था। इसके बाद राउत ने कुछ विवादास्पद टिप्पणियां की थीं, जिस पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने आपत्ति जताई है।


प्रदर्शनों के कारण

अल्बानिया, जो यूरोप के बाल्कन क्षेत्र में स्थित है, की राजधानी तिराना में प्रधानमंत्री एडी रामा के खिलाफ प्रदर्शन हाल के दिनों में बढ़ गए हैं। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री की भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।


अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, लोगों के गुस्से के पीछे कई कारण हैं। उपप्रधानमंत्री बेलिंडा बालुकू पर सरकारी परियोजनाओं में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, जिन्हें उन्होंने खारिज किया है। इसके अलावा, युवाओं में रोजगार की कमी और जीवन यापन की बढ़ती लागत के मुद्दे भी शामिल हैं।


सुप्रीम कोर्ट की इमारत में आगजनी

18 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, तिराना में प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट की इमारत के एक हिस्से में आग लगा दी। इससे पहले, कई सरकारी कार्यालयों और मंत्रालयों को भी निशाना बनाया गया था।


प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों में पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। इन घटनाओं में कई लोग घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की भी खबरें आई हैं।


प्रधानमंत्री का बयान

प्रधानमंत्री एडी रामा ने इस्तीफे की मांग को ठुकरा दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि हिंसक प्रदर्शनों से अल्बानिया के यूरोपीय संघ में शामिल होने के प्रयासों को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी और देश को यूरोपीय संघ का सदस्य बनाने का लक्ष्य रखेगी।


प्रदर्शनकारी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जवाबदेही की मांग कर रहे हैं और जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगा रहे हैं।