थलपति विजय के परिसीमन: नए विवाद की शुरुआत
तमिलनाडु में थलपति विजय के परिसीमन से जुड़े बयानों ने एक नया विवाद उत्पन्न कर दिया है। राज्य की विपक्षी पार्टियों ने मुख्यमंत्री विजय पर आरोप लगाया है कि उन्होंने परिसीमन के मुद्दे पर अपना रुख बदल लिया है। यह विवाद मुख्य रूप से विजय के हालिया बयान के बाद तेज हुआ है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार के साथ अपने विचार साझा किए।
विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और AIADMK ने विजय की पार्टी पर आरोप लगाया है कि वे परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार के सुर में सुर मिला रहे हैं। यह विवाद तब और बढ़ा जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विजय के बीच एक बैठक हुई, जिसमें विजय ने परिसीमन पर अपनी मांग रखी।
विजय का बयान और विपक्षी आरोप
थलपति विजय के परिसीमन: महाबलीपुरम में आयोजित 31वीं साउदर्न जोनल काउंसिल की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने केंद्र सरकार से आश्वासन मांगा कि जनसंख्या नियंत्रण और विकास में आगे रहने वाले राज्यों को संसदीय प्रतिनिधित्व में कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
विपक्ष ने इस बयान के बाद आरोप लगाया कि विजय का रुख परिसीमन के संबंध में बदल गया है। उल्लेखनीय है कि 12 अगस्त को तमिलनाडु विधानसभा में पारित एक प्रस्ताव में विजय की सरकार ने लोकसभा सीटों को स्थायी रूप से फ्रीज करने की मांग की थी, लेकिन महाबलीपुरम में दिए उनके बयान में इस मांग का उल्लेख नहीं था।
DMK और AIADMK का हमला
थलपति विजय के परिसीमन: DMK प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने विजय पर आरोप लगाया कि वे परिसीमन के मुद्दे पर लगातार अपना रुख बदल रहे हैं। AIADMK के आईटी विंग ने भी इस बयान को 'यू-टर्न' करार दिया। पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, "आप अब वही बात कह रहे हैं, जो केंद्र सरकार पहले दिन से कहती आ रही है।"
AIADMK ने यह भी सवाल उठाया कि यदि विजय का रुख यही था, तो विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने का क्या औचित्य था।
TVK की सफाई
विवाद के बढ़ने के बाद सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने विपक्ष के आरोपों का खंडन किया है। TVK ने कहा कि परिसीमन के मुद्दे को लेकर भ्रामक राय फैलाई जा रही है।
तमिलनाडु सरकार में ऊर्जा संसाधन और कानून मंत्री सीटीआर निर्मलकुमार ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार का रुख अपरिवर्तित है। उन्होंने कहा, "परिसीमन के मुद्दे पर TVK का रुख वही है, लोकसभा सीटों की संख्या 543 ही बनी रहनी चाहिए।"
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