डायलॉगबाजी का आरोप
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय एक बार फिर विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। राज्य के मुख्य विपक्षी दल डीएमके के प्रमुख एम के स्टालिन ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री विधानसभा को फिल्म सेट की तरह समझ रहे हैं और केवल 'पंच डायलॉग' देने में व्यस्त हैं।
ANI के अनुसार, स्टालिन ने डीएमके की कार्यकारी बैठक में मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विजय केवल उनके शासनकाल में शुरू की गई योजनाओं का नाम बदलने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा, "तमिलनाडु के मुख्यमंत्री केवल हमारे द्वारा शुरू की गई योजनाओं के नाम बदलने में व्यस्त हैं और विधानसभा को सिनेमा सेट समझ लिया है।"
उदयनिधि का जवाब
यह पहली बार नहीं है जब विजय पर विधानसभा में डायलॉग मारने का आरोप लगाया गया है। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री को चुनौती दी थी कि यदि उनके पास भ्रष्टाचार के ठोस सबूत हैं, तो उन्हें सार्वजनिक करना चाहिए।
उदयनिधि ने कहा, "विधानसभा में फिल्मों की तरह पंच डायलॉग नहीं मारिए। यदि आपके पास सबूत हैं, तो तुरंत फाइलें खोलें और कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री को सबूत सार्वजनिक करने में आखिर क्यों संकोच है? क्या वह किसी ज्योतिषी से तारीख तय करवाने जा रहे हैं?"
विधानसभा में हंगामा जारी
विजय, जो कि एक अभिनेता से नेता बने हैं, अपने फिल्मी बैकग्राउंड के कारण विपक्ष के निशाने पर रहते हैं। जून में जब वह विधानसभा में पहली बार पहुंचे थे, तब डीएमके पार्टी ने सदन से वॉकआउट कर दिया था। उसके बाद विजय ने सदन के स्पीकर की अनुमति से फिल्मी अंदाज में अपने भाषण को समाप्त किया था, जिसने चर्चा का विषय बना।
इस बीच, तमिलनाडु की राजनीति में गंभीर हंगामा जारी है। मुख्यमंत्री विजय विपक्षी दलों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, वहीं विपक्ष भी परिसीमन बिल, कावेरी जल विवाद और नए सीएमओ में अनियमितताओं को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है।
डीएमके का आक्रामक रुख
डीएमके, जो दशकों से सत्ता में रही है, विधानसभा में लगातार हंगामा कर रही है। उदयनिधि स्टालिन अपने विधायकों के साथ सरकार पर हमले कर रहे हैं, जबकि उनके पिता एम. के स्टालिन बाहर से हमलों का नेतृत्व कर रहे हैं।
विजय और उनके साथी नेता इन सभी हमलों का जवाब देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन विपक्ष के आक्रामक रुख के चलते राजनीतिक माहौल में तनाव बना हुआ है।





