उपचुनाव में विजय का ऐलान
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके के संस्थापक सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को अपनी पार्टी की उम्मीदवारों मरगथम कुमारवेल और पी सत्यभामा को मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में मिली विजय के लिए बधाई दी। विजय ने द्रमुक का नाम लिए बिना उस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस चुनाव में मिली जीत महिलाओं को लक्षित कर की गई अपमानजनक टिप्पणियों के खिलाफ एक मजबूत जनादेश है।
टीवीके प्रमुख ने यह टिप्पणी उपचुनाव प्रचार के दौरान द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन द्वारा सत्यभामा की कद-काठी पर की गई कथित टिप्पणी को ध्यान में रखते हुए की। विजय ने अन्नाद्रमुक प्रमुख एके पलानीस्वामी पर भी निशाना साधा, हालांकि उनका नाम लिए बिना। उन्होंने पार्टी की जीत का श्रेय बेदाग छवि वाले नेताओं को दिया।
पैसों का जोर नहीं, जनादेश की शक्ति
विजय ने इस बात पर जोर दिया कि चुनावी अभियान बिना पैसों के लालच या जबरदस्ती की रणनीतियों के सफल रहा। उन्होंने कहा कि यह जीत लेन-देन की राजनीति को समाप्त करने का प्रतीक है, जो अक्सर पिछले हाई-प्रोफाइल उपचुनावों के साथ जुड़ी होती है। विजय ने एक्स पर लिखा कि मदुरांतकम और धारापुरम के उपचुनाव परिणामों ने लोगों के दिलों में उनकी तमिलनाडु विक्ट्री लीग की प्राथमिक ताकत को दर्शाया है।
उन्होंने कहा, 'यह चुनाव बिना एक पैसा खर्च किए, किसी को एक सूची में सीमित किए बिना और अपमानित किए बिना जीता गया है। यह पूरी तरह से प्यार, स्नेह, रिश्तों और लोकतंत्र की रक्षा के सिद्धांतों पर आधारित है।' विजय ने यह भी कहा कि तमिलनाडु भ्रष्ट ताकतों का गढ़ नहीं है, बल्कि यह महान लोगों की शक्ति का किला है।
स्टालिन का बयान
इस बीच, द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन ने मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों को विश्वासघात की एक अंतरिम जीत करार दिया। नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया में पूर्व मुख्यमंत्री ने उपचुनाव कराए जाने की परिस्थितियों की आलोचना की।
स्टालिन ने कहा, 'यह उपचुनाव विधानसभा चुनावों के महज पांच महीने बाद ही कराए गए, जो कि मतदाताओं पर थोपे गए हैं।' उनका यह बयान उपचुनाव के परिणामों की पृष्ठभूमि में आया है।





