UP के मतदाता की खबर
SIR अभियान दो चरणों में पूरा किया गया। पहले चरण में कुछ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के मतदाता शामिल थे। दूसरे चरण में नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया। इस चरण में UP के मतदाता की खबर के अनुसार लगभग 5.37 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए, जो कुल का 10.55% है। यदि पहले चरण में शामिल बिहार को जोड़ा जाए, तो कुल मतदाताओं की संख्या 58.87 करोड़ से घटकर 53.28 करोड़ रह गई।
कौन-कहां कितने हटे
एसआईआर अभियान में सबसे अधिक नाम गुजरात में हटे, जबकि UP गुजरात मतदाता सूची के अनुसार करोड़ों वोटर हटा दिए गए। उत्तर प्रदेश में 13.23%, छत्तीसगढ़ में 11.77%, पश्चिम बंगाल में 11.63% और तमिलनाडु में 11.55% मतदाता कम हुए। केंद्र शासित प्रदेश अंडमान-निकोबार में 16.86% मतदाता सूची से हटाए गए। पहले चरण में बिहार में कुल 6% नाम हटे थे।
उत्तर प्रदेश का मामला
उत्तर प्रदेश में SIR अभियान का अंतिम चरण सबसे आखिर में पूरा हुआ। यहां मतदाताओं की संख्या 15.44 करोड़ से घटकर 13.39 करोड़ हो गई, यानी 13.23% की कमी दर्ज की गई। चुनाव आयोग ने यूपी को अतिरिक्त समय भी दिया था ताकि सभी प्रक्रियाएं पूरी हो सकें।
क्यों जरूरी था यह अभियान
चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को देशभर में SIR कराने का निर्णय लिया। यह पहली बार था कि इतने व्यापक स्तर पर वोटर लिस्ट की समीक्षा हुई। एसआईआर अभियान में मतदाता सूची पूरी तरह से नए सिरे से तैयार की जाती है, और सभी मतदाताओं को एक महीने के भीतर फॉर्म जमा करना अनिवार्य था। यदि फॉर्म नहीं जमा किया गया तो नाम ड्राफ्ट लिस्ट से हट सकता था। कुछ मामलों में नागरिकता साबित करने के लिए दस्तावेज भी मांगे गए।
विवाद और आगे की प्रक्रिया
इस प्रक्रिया को लेकर कुछ विवाद भी हुए और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि बाकी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी जल्द ही एसआईआर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस व्यापक अभियान के बाद मतदाता सूची अधिक सटीक और अद्यतन हो गई है, जिससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने की उम्मीद है।
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