राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कुछ महीने पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित एक बड़े आंदोलन ने राजनीतिक हलचल पैदा की थी, जिसके परिणामस्वरूप तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। इस आंदोलन ने विपक्ष के लिए उम्मीद की किरण जगाई और केंद्र सरकार की नीतियों को चुनौती देने के प्रयास तेज हुए। इस बीच, एक अंग्रेजी अखबार द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ प्रकाशित रिपोर्ट ने भी आंदोलन में जान डाल दी, जिसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग होने लगी।
हालांकि, इन सभी विरोधों का चुनावी राजनीति पर कोई असर नहीं पड़ा है। भाजपा ने रेजीनगर में मुस्लिम बहुल क्षेत्र में शानदार जीत दर्ज की है, जो सियासी तौर पर एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
उपचुनाव के नतीजे और मुस्लिम मतदाता
पश्चिम बंगाल में दो सीटों पर उपचुनाव आयोजित किए गए थे, जिनमें से एक नंदीग्राम और दूसरा रेजीनगर था। नंदीग्राम में भाजपा की जीत की उम्मीद थी, लेकिन रेजीनगर के परिणामों ने सभी को हैरान कर दिया। यहाँ मुस्लिम मतदाताओं की संख्या लगभग 70 प्रतिशत है, और भाजपा ने इस चुनाव में 72 हजार मतों की बढ़त हासिल की है। यह बढ़त महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अभी भी गिनती के तीन राउंड बाकी हैं।
सीट पर भाजपा की जीत के बाद, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, 'हमने अल्पसंख्यकों से दोस्ती की है।'
भाजपा की रणनीति और मुस्लिम समर्थन
रेजीनगर विधानसभा सीट के लिए चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने अपनी रणनीति में बदलाव किया। शुभेंदु अधिकारी ने यहाँ हिंदू ध्रुवीकरण की रणनीति का सहारा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि वह किसी को 'जय श्रीराम' कहने के लिए मजबूर नहीं करते, लेकिन 'भारत माता की जय' कहने की अपील की। पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष ने भी मुस्लिम समुदाय के बीच सीधा संदेश भेजने का प्रयास किया, कहकर कि अब राम मंदिर या बाबरी मस्जिद का समय नहीं है। उन्होंने विकास के नाम पर भाजपा को वोट देने की अपील की।
गिनती के 12 राउंड में लगभग 1,63,000 वोटों की गिनती हो चुकी है, जिसमें भाजपा को 1,09,834 मत प्राप्त हुए हैं, जबकि कांग्रेस के हुमांयू कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को 37,090 मत मिले हैं। कांग्रेस और टीएमसी की जमानत भी यहाँ जब्त होती नजर आ रही है।





