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राष्ट्रीय • तमिलनाडु

थलपति विजय की टीवीके ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में भाग लिया

टीवीके ने वोटर लिस्ट में हेरफेर के खिलाफ आवाज उठाई

थलपति विजय की टीवीके ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में भाग लिया
फोटो: Thalapathy Vijay's TVK Joins Protest Against Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar

टीवीके का प्रदर्शन में शामिल होना

थलपति विजय की पार्टी, तमिलनाडु वक्फ बोर्ड (टीवीके), ने हाल ही में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों में भागीदारी की है। गुरुवार को आयोजित इस प्रदर्शन में वोटर लिस्ट में हेरफेर और ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग उठाई गई। यह पहला अवसर है जब टीवीके ने विपक्षी गठबंधन के साथ मिलकर इस मुद्दे पर आवाज उठाई है।


वीसीके नेता थोल थिरुमावलवन ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि टीवीके ने हाल ही में तमिलनाडु यूनिट में शामिल होने का निर्णय लिया है। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में टीवीके को राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय भूमिका निभाने की उम्मीद है। प्रदर्शन के दौरान विभिन्न नेताओं ने एसआईआर की आलोचना करते हुए लोगों को संबोधित किया।


द्रमुक का सहयोगी होने का इतिहास

कांग्रेस और वीसीके, द्रमुक के सहयोगी दल रहे हैं और पिछले विधानसभा चुनाव में दोनों दल टीवीके की सरकार में शामिल हुए थे। इसके बाद, सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ पार्टी के गठबंधन का हिस्सा बने। इस प्रदर्शन में टीवीके के नेता और स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन ने कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा से एसआईआर का विरोध किया है।


राजमोहन ने इसे अलोकतांत्रिक बताया और कहा कि यह बी. आर. आंबेडकर द्वारा स्थापित समानता के सिद्धांतों के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि टीवीके ने एसआईआर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट में इसकी चुनौतियों का सामना करना शामिल है।


आरोप और दावों का सिलसिला

थिरुमावलवन ने द्रमुक का बचाव करते हुए आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के अंतर्गत 97 लाख से अधिक वोटों की हेराफेरी की गई, खासकर अल्पसंख्यक और अनुसूचित जाति के समुदायों को लक्षित किया गया। उन्होंने कहा कि इसके कारण पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी पार्टी को भी नुकसान हुआ।


स्टालिन ने 2011 से लगातार तीन बार कोलाथुर सीट जीती थी। थिरुमावलवन का कहना है कि मतदाताओं के नामों को योजनाबद्ध तरीके से हटाकर द्रमुक को हराने की कोशिश की गई। तमिलनाडु कांग्रेस के अध्यक्ष बी. माणिकम टैगोर ने भी कहा कि केंद्र सरकार को एसआईआर को वापस लेने के लिए विपक्षी दलों को एकजुट होकर प्रयास करने की आवश्यकता है।


प्रदर्शन में एकता का संदेश

विरुधुनगर से लोकसभा सदस्य टैगोर ने प्रदर्शन स्थल पर कहा कि एसआईआर को वापस लेने से लोकतंत्र की रक्षा संभव है, जो मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे के बाद ही संभव होगा। उन्होंने ‘इंडिया’ गठबंधन की एकजुटता को महत्वपूर्ण बताया, यह कहते हुए कि टीवीके के हालिया समर्थन ने उनके लोकतांत्रिक आंदोलन को मजबूती दी है।


उन्होंने आगे कहा कि गठबंधन ‘नफरत की राजनीति’ के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है और केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह तानाशाहीपूर्ण तरीके से कार्य कर रही है।