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बीजेपी और अकाली दल के गठबंधन पर सस्पेंस, पंजाब चुनाव की तैयारी जारी

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बीजेपी और अकाली दल की संभावित साझेदारी पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, बीजेपी ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं, जबकि विपक्षी दलों ने इस गठबंधन को कमजोर बताया है।

बीजेपी और अकाली दल के गठबंधन पर सस्पेंस, पंजाब चुनाव की तैयारी जारी
फोटो: बीजेपी और अकाली दल के गठबंधन पर सस्पेंस, पंजाब चुनाव की तैयारी जारी

गठबंधन की अटकलें और राजनीतिक माहौल

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के बीच गठबंधन की संभावनाओं ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। सूत्रों के अनुसार, यदि दोनों दल हाथ मिलाते हैं, तो इस बार बीजेपी को 'बड़े भाई' की भूमिका में देखा जा सकता है।


हालांकि, बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने फिलहाल स्वतंत्र रूप से चुनावी मैदान में उतरने का संकेत दिया है। विपक्षी दल, जैसे आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस, इस संभावित गठबंधन को प्रभावहीन मान रहे हैं।


गठबंधन का ऐतिहासिक संदर्भ

बीजेपी और अकाली दल का गठबंधन 1997 से चला आ रहा था, जो सितंबर 2020 में कृषि कानूनों के विरोध के चलते अकाली दल के NDA छोड़ने के बाद समाप्त हो गया। हाल ही में, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद भवन में मुलाकात के बाद फिर से गठबंधन की चर्चा तेज हो गई।


हालांकि, बादल ने इस मुलाकात को केवल राज्य के मुद्दों पर चर्चा करने का बताया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


बीजेपी का आधिकारिक बयान

गठबंधन की चर्चा के बीच, बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बी.एल. संतोष ने पटियाला में एक संगठनात्मक बैठक में स्पष्ट किया कि पार्टी सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की योजना बना रही है।


उन्होंने कहा, 'पंजाब बदलाव के लिए तैयार है और बीजेपी इसे पूरा करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और सरकार बनाएगी।'


विपक्ष की प्रतिक्रिया

पंजाब सरकार के मंत्री और AAP नेता तरुणप्रीत सिंह ने कहा, 'बीजेपी चाहे बड़े भाई की भूमिका निभाए या छोटे भाई की, उसे पंजाब में जीरो सीटें ही मिलने वाली हैं।'


AAP के बलतेज पन्नू ने भी कहा कि 'राजनीति में 'बड़ा भाई' कौन है, यह जनता तय करती है, पार्टियां नहीं। अकाली दल राजनीतिक रूप से समाप्त हो चुका है।'


कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा, 'जमीनी हकीकत यह है कि बीजेपी समर्थकों का वोट अकाली दल को नहीं जाता और अकाली का वोट बीजेपी को नहीं।' उन्होंने इस संभावित गठबंधन के कांग्रेस पर कोई असर नहीं पड़ने की बात भी कही।


आगे की स्थिति

पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के खिलाफ मुख्य विपक्षी दल बनने के लिए सभी राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण साधने में जुटे हैं। बीजेपी अपने आधार को बढ़ाने का प्रयास कर रही है, जबकि अकाली दल के नेताओं के बयानों से यह संकेत मिलता है कि दोनों दलों के बीच पर्दे के पीछे की बातचीत जारी है।


इस परिस्थिति में, आगामी चुनावों में राजनीतिक समीकरणों की दिशा किस ओर जाएगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।