स्टालिन का तीखा आरोप
तमिलनाडु में अभिनेता थलपति विजय की सरकार पर हाल में उठे सवालों के बीच द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन ने मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय पर तीखा हमला किया है। उन्होंने पिछले 24 घंटों में हुई कई हिंसक घटनाओं के संदर्भ में विजय को घेरते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त करार दिया। स्टालिन का कहना है कि अब तमिलनाडु में लोग अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं।
स्टालिन ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए राज्य में बढ़ते अपराध की घटनाओं की एक सूची पेश की। उन्होंने कहा, 'उत्तर, दक्षिण, पश्चिम या राजधानी, हर जगह अपराध की स्थिति चिंताजनक है। चाहे दिन हो या रात, तमिलनाडु खून से लथपथ है।' इसके साथ ही उन्होंने विजय से पूछा कि क्या पुलिस गश्त कर रही है।
हिंसक घटनाओं की सूची
स्टालिन ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए तिरुत्तनी में हुई एक हत्या का जिक्र किया, जहां 41 वर्षीय व्यक्ति की हत्या कर दी गई। यह व्यक्ति अपनी नाबालिग बेटी के साथ हुई छेड़छाड़ की शिकायत करने गया था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सेलम में एक बुजुर्ग महिला जनाबाई की हत्या का मामला भी उठाया, जो दिन के समय उनके घर में घुसकर की गई थी।
डीएमके अध्यक्ष ने यह भी उल्लेख किया कि एक शख्स को पुलिस थाने में जमानत के लिए दस्तखत करने के बाद ही हत्या कर दी गई। उन्होंने इस संदर्भ में राज्य सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा सवाल उठाया।
महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता
स्टालिन ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाई गई विशेष पुलिस फोर्स 'सिंगपेन' की कार्यप्रणाली पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'लोग थानों में शिकायत करने जाते हैं और वहां खुद शिकायतकर्ता की भी हत्या हो जाती है। यह अराजकता कब खत्म होगी?'
मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय को सीधे निशाने पर लेते हुए स्टालिन ने कहा कि उन्हें स्थिति की गंभीरता का एहसास करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'राज्य की कानून-व्यवस्था हर दिन गिर रही है, मुख्यमंत्री को नागरिकों की जान बचाने में ध्यान केंद्रित करना चाहिए, लेकिन वे केवल अपनी कुर्सी को बचाने में लगे हैं।'
आवश्यक कार्रवाई की मांग
स्टालिन ने अपने बयान में मुख्यमंत्री को 'टेक-एक्शन' शूटिंग मोड से बाहर निकलने की नसीहत दी। उन्होंने कहा, 'बहाने बनाने का समय खत्म हो चुका है। मुख्यमंत्री को अब सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।' इस प्रकार, स्टालिन ने राज्य की मौजूदा स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है और सरकार से तात्कालिक कदम उठाने की मांग की है।





