कैबिनेट फेरबदल की चर्चाएं
केंद्रीय कैबिनेट में संभावित फेरबदल की अटकलें एक बार फिर से जोर पकड़ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, इस संदर्भ में जल्द ही कोई घोषणा हो सकती है, लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) द्वारा इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
बीते गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुछ सांसदों के साथ चाय पर मुलाकात की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस मुलाकात के बारे में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कोई स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
पीएम की मुलाकात का संदर्भ
प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले भी एनडीए के सांसदों से चर्चा की है। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि इस बार चाय पर किस किस सांसद को निमंत्रण दिया गया है। इस संबंध में केवल अटकलों का दौर चल रहा है।
इन चर्चाओं के बीच यह भी बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को चार दिवसीय विदेश दौरे पर रवाना होंगे, जिसमें उनका उज्बेकिस्तान और कीर्गिज़स्तान में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में शामिल होना निर्धारित है।
भाजपा की नई टीम का गठन
भाजपा ने 17 अगस्त को नितिन नवीन की अध्यक्षता में नई टीम की घोषणा की थी, जिसके बाद से कैबिनेट फेरबदल की चर्चाओं ने जोर पकड़ा। भाजपा के नए 65 पदाधिकारियों में से 51 नए चेहरे हैं, जिनमें से छह की उम्र 40 साल से कम है।
पार्टी के अनुसार, इस नए संगठन में 12 महिलाएं और अल्पसंख्यक समुदायों के छह नेता शामिल हैं। यह फेरबदल 2029 तक होने वाले विधानसभा चुनावों और अगले आम चुनावों के मद्देनज़र भाजपा की रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
संघटनात्मक बदलाव और केंद्रीय मंत्री की भूमिका
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह ध्यान देने योग्य है कि उनके पिता, वेद प्रकाश गोयल, अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और लंबे समय तक पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रहे।
यह फेरबदल 2015 में अमित शाह के अध्यक्ष रहते हुए हुए बड़े संगठनात्मक बदलाव के एक दशक बाद हो रहा है, जिससे मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावनाएं फिर से उठने लगी हैं। कई नेताओं ने अपने राजनीतिक कद में कमी के बाद महत्वपूर्ण भूमिकाओं में वापसी की है।





