ममता को फिर से चुनाव लड़ने की चुनौती
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के खिलाफ बयान देते हुए उन्हें चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। दक्षिण 24-परगना के बारुईपुर में आयोजित 'गणतंत्र बचाओ सभा' में शुभेंदु ने कहा कि ममता का राजनीतिक करियर अब समाप्त हो चुका है और वह दिल्ली भाग रही हैं।
उन्होंने ममता की सीपीएम के महासचिव से निकटता पर भी टिप्पणी करते हुए कहा, 'आप एक ओर सीपीएम के नेता के साथ हैं और दूसरी ओर उसी कांग्रेस से समर्थन मांग रही हैं, जिससे आपने तृणमूल कांग्रेस बनाई थी।' शुभेंदु ने ममता को यह भी चेताया कि बंगाल में उनके लिए अब कुछ नहीं बचा है।
पिछले चुनावों का संदर्भ
शुभेंदु ने ममता को याद दिलाते हुए कहा, 'मैंने आपको दो बार हराया है। एक बार 2021 में नंदीग्राम में और दूसरी बार भवानीपुर में। आप अपने ही क्षेत्र में हार गईं हैं।' उन्होंने ममता को चुनौती दी कि अगर उनमें हिम्मत है तो वह फिर से चुनाव लड़ें, क्योंकि वह उन्हें फिर से हराएंगे।
मुख्यमंत्री ने मुर्शिदाबाद के रेजीनगर में हुए उपचुनाव में ममता के उम्मीदवारों की हार का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी उनकी जमानत जब्त हो गई।
तृणमूल और सीपीएम के संबंध
शुभेंदु ने ममता बनर्जी की सीपीएम के साथ बढ़ती नजदीकी पर तंज करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस का गठन ही सीपीएम का मुकाबला करने के लिए हुआ था। उन्होंने कहा कि तृणमूल ने सीपीएम को हराकर सत्ता हासिल की थी।
इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने दावा किया था कि अगर पांच साल बाद भाजपा सत्ता में नहीं रहती है, तो शुभेंदु पहले व्यक्ति होंगे जो पार्टी छोड़ेंगे। उन्होंने शुभेंदु को हलफनामा देने की सलाह दी कि वह हमेशा भाजपा के साथ रहेंगे।
अभिषेक का बयान
अभिषेक बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि शुभेंदु ने तृणमूल के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, 'हम ऐसे किसी संस्थान पर निर्भर नहीं हैं, लेकिन हम झुके नहीं हैं।'
अभिषेक ने यह भी कहा कि 'दिल्ली के पालतू कुत्ते की तरह रहने के बजाय रॉयल बंगाल टाइगर की तरह रहना कहीं अधिक सम्मानजनक है।'





