चुनाव नतीजों के बाद बयानबाजी तेज
महाराष्ट्र में विधान परिषद के चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद सत्तारूढ़ महायुति में बयानबाजी का सिलसिला शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने शिवसेना पर आरोप लगाया है कि उसने सहयोग नहीं किया, जबकि शिवसेना के नेता इशारों में मुख्यमंत्री के पद में बदलाव की मांग कर रहे हैं। चुनाव में कुल पांच सीटों पर मतदान हुआ था, जिसमें महायुति ने तीन सीटें जीतीं।
चुनाव परिणामों के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने पुणे स्नातक और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीटों पर जीत हासिल की। शिवसेना के किरण सरनाइक ने अमरावती शिक्षक सीट पर जीत प्राप्त की, जबकि भाजपा के कौस्तुभ गावडे पुणे शिक्षक सीट से विजयी रहे। कांग्रेस ने नागपुर सीट पर जीत दर्ज की है। महाराष्ट्र विधान परिषद में कुल 78 सदस्य हैं, जिनमें भाजपा के पास सबसे अधिक 35 सदस्य हैं।
भाजपा ने शिवसेना पर निशाना साधा
भाजपा प्रवक्ता नवनाथ कमल उत्तमराव बन ने कहा कि पुणे और नागपुर की शिक्षक और स्नातक क्षेत्रों में शिवसेना ने अपेक्षित सहयोग नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुणे में शिवसेना ने सचिन सनव को समर्थन देकर महायुति की एकता को नुकसान पहुँचाया। छत्रपति संभाजी नगर में अब्दुल सत्तार ने भी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के खिलाफ प्रचार किया, जिसका असर चुनाव परिणामों पर पड़ा।
उन्होंने कहा कि यदि शिवसेना ने भाजपा और एनसीपी की मदद की होती, तो महायुति सभी पांचों सीटों पर जीत सकती थी। लेकिन पुणे की एक सीट के लालच में शिवसेना ने सहयोगी दलों को कठिनाई में डाल दिया। नवनाथ का यह भी कहना था कि सहयोगी दलों को नुकसान पहुंचाने का रवैया महायुति के हित में नहीं है।
शिवसेना की प्रतिक्रिया
टीवी9 मराठी की एक रिपोर्ट के अनुसार, शिवसेना नेता रविंद्र धंगेकर ने भी भाजपा के हमलों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार में असंतोष के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। उनका मानना है कि भाजपा का शिवसेना पर हमला गलत है।
धंगेकर ने आगे कहा कि शिक्षकों ने मतदान के बाद अपनी नाराजगी सरकार के सामने जाहिर की है। उन्हें लगता है कि नेतृत्व को इस पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए, क्योंकि वह सभी को साथ लाने की क्षमता रखते हैं।
नागपुर में भाजपा को मिली हार
चार राज्यों में हुए 28 सीटों के एमएलसी चुनावों में कांग्रेस ने केवल नागपुर सीट पर जीत हासिल की है। यह विशेष बात है कि नागपुर को भाजपा का गढ़ माना जाता है, जहां केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की लोकसभा सीट है, तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय भी यहां है।
वर्तमान विधान परिषद सदस्य अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहले को 3,271 मतों से हराकर नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट बरकरार रखी। वंजारी को 67,231 वोट मिले, जबकि पूर्व विधायक कोहले को 63,960 वोट मिले।





