CJP ने भाजपा के नारे पर सवाल उठाए
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नारे 'मोदी कहीं नहीं जाएंगे' को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी के नेता सौरभ दास ने इस नारे को अहंकार का प्रतीक बताया है। यह नारा हाल ही में बिहार में कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा दिए गए विवादास्पद बयान के संदर्भ में सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'मोदी का बाप भी जाएगा।'
भाजपा ने इस नारे को लेकर कई राज्यों में रैलियां आयोजित की हैं, जहां लोगों ने तख्तियां उठाकर इसका समर्थन किया।
स्मृति ईरानी की पोस्ट पर सौरभ दास की टिप्पणी
सौरभ दास ने पूर्व भाजपा सांसद स्मृति ईरानी की एक सोशल मीडिया पोस्ट को शेयर किया, जिसमें लिखा था, 'मोदी जी कहीं नहीं जाएंगे।' उन्होंने इस बारे में कहा, 'यह किसी राजनेता का खुद को लेकर दिखाया गया सबसे बड़ा अहंकार हो सकता है। लोग इसे पसंद नहीं करते, और यह हताशा और सत्ता में बने रहने की इच्छा को दर्शाता है।'
CJP का INDIA गठबंधन की रैली को समर्थन
कॉकरोच जनता पार्टी ने हाल ही में दिल्ली में हुए INDIA गठबंधन की रैली का समर्थन किया था, हालांकि पार्टी ने स्पष्ट किया कि इसका नेतृत्व रैली में शामिल नहीं होगा। इस रैली में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव जैसे कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा, 'हम प्रदर्शन का समर्थन करते हैं, लेकिन हमारी पार्टी एक स्वतंत्र और तटस्थ संगठन है। हम उन सभी संगठनों का समर्थन करेंगे जो वोट चोरी के खिलाफ लड़ेंगे।'
भाजपा की रैलियों का ऐलान
भाजपा ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत विभिन्न राज्यों में रैलियों का आयोजन करने का निर्णय लिया है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन इन रैलियों की अगुवाई करेंगे, और बिहार में भी इसी तरह की एक रैली आयोजित की जाएगी।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी तेलंगाना में पदयात्रा करने की योजना बना रहे हैं, जबकि दिल्ली समेत अन्य राज्यों में पहले भी कई रैलियां आयोजित की जा चुकी हैं।
CJP ने रैलियों की अनुमति पर उठाए सवाल
अक्टूबर के अंत में चांदनी चौक में भाजपा की रैली के दौरान, CJP ने रैली की अनुमति को लेकर सवाल उठाए थे। पार्टी के नेता आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस से पूछा था कि क्या उन्हें भी रैली करने की अनुमति मिलेगी। रविवार को हुई रैली से पहले व्यापारियों ने भी इसका विरोध किया था।





