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Sanjay Singh Notice: नए विवादों के बीच बढ़ती हलचल और सवाल

Sanjay Singh Notice: AAP सांसद संजय सिंह ने प्रयागराज प्रशासन पर संसदीय दायित्वों में बाधा का आरोप लगाया। राज्यसभा सभापति से विशेषाधिकार हनन की शिकायत की।

Sanjay Singh Notice: नए विवादों के बीच बढ़ती हलचल और सवाल
फोटो: Sanjay Singh Notice, Rajya Sabha Privilege
Sanjay Singh Notice: आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Sanjay Singh ने प्रयागराज प्रशासन और पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि स्थानीय प्रशासन ने न केवल उनके संसदीय दायित्वों के निर्वहन में बाधा उत्पन्न की, बल्कि आम नागरिकों और छात्रों को उनसे मिलने से भी रोका। इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का मामला उठाया है। Sanjay Singh ने मांग की है कि इस घटना की गंभीरता को देखते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और मामले की विस्तृत जांच कराई जाए।

Sanjay Singh Notice: सर्किट हाउस में आयोजित बैठक को लेकर विवाद

सांसद Sanjay Singh के अनुसार, 1 जून को प्रयागराज स्थित Circuit House में एक बंद कमरे की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों, बेरोजगार युवाओं और आम नागरिकों की समस्याओं को सुनना था।

बताया गया कि बड़ी संख्या में ऐसे युवा उनसे मिलने पहुंचना चाहते थे जो Paper Leak, भर्ती परीक्षाओं के रद्द होने, चयन प्रक्रियाओं में देरी और रोजगार से जुड़े मुद्दों को संसद तक पहुंचाना चाहते थे। छात्र और अभ्यर्थी अपने साथ दस्तावेज और साक्ष्य भी लेकर आने वाले थे, ताकि उनकी समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जा सके।

प्रशासन ने मुलाकात रोकने के लिए अपनाया दबावपूर्ण रवैया: संजय सिंह

Prayagraj Administration Row: अपने पत्र में Sanjay Singh ने आरोप लगाया है कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने नागरिकों तथा छात्र नेताओं को उनसे मिलने से रोकने के लिए दबावपूर्ण रवैया अपनाया। उन्होंने कहा कि लोगों को Circuit House तक पहुंचने से रोका गया और आसपास के क्षेत्र में आवागमन पर भी अनावश्यक प्रतिबंध लगाए गए।

सांसद का दावा है कि कई लोगों को चेतावनी देकर वापस भेज दिया गया, जिससे वे अपनी शिकायतें और दस्तावेज उन्हें नहीं सौंप सके। उनका कहना है कि इस कार्रवाई का सीधा असर जनता और उनके निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच संवाद पर पड़ा।

दो छात्र नेताओं की गिरफ्तारी का भी लगाया आरोप 

Sanjay Singh के Notice में सांसद ने दो छात्र नेताओं, Ashutosh Pandey और Pankaj Pandey की गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया है। उनका आरोप है कि दोनों छात्र नेताओं को बिना किसी उचित कारण के गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि पत्र लिखे जाने तक दोनों जेल में बंद थे। सांसद का दावा है कि यह कार्रवाई नागरिकों की आवाज दबाने और छात्रों को डराने की कोशिश का हिस्सा थी।

एडीएम (सिटी) समेत अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार 

आप सांसद ने पूरे घटनाक्रम के लिए प्रयागराज के ADM (City) Satyam Mishra और अन्य संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशन और निगरानी में यह पूरी कार्रवाई अंजाम दी गई। Sanjay Singh का कहना है कि प्रशासन का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं था और यह जनता की समस्याओं को सामने आने से रोकने का प्रयास प्रतीत होता है।

सांसद का दायित्व संसद तक सीमित नहीं

Sanjay Singh Notice में राज्यसभा सभापति को भेजे गए पत्र में सांसद ने कहा कि किसी सांसद का दायित्व केवल संसद भवन के भीतर बहस करने या प्रश्न उठाने तक सीमित नहीं होता, बल्कि जनता की समस्याओं को सुनना और उन्हें उचित मंच तक पहुंचाना भी उनकी जिम्मेदारी है।

उनके अनुसार, जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनना, उनसे जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को एकत्र करना तथा उन मुद्दों को संसद और सरकार के सामने रखना भी सांसद के प्रतिनिधिमूलक दायित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि प्रशासन किसी सांसद को नागरिकों से मिलने और उनकी शिकायतें सुनने से रोकता है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की स्वतंत्र कार्यप्रणाली पर सीधा आघात है।

संवैधानिक भावना और संसदीय परंपराओं के खिलाफ बताया कदम 

Sanjay Singh ने अपने पत्र में कहा कि प्रशासन का यह आचरण संविधान के अनुच्छेद 105 की भावना के विपरीत है। उन्होंने इसे संसदीय परंपराओं और सांसदों के विशेषाधिकारों के खिलाफ बताया। उनका कहना है कि यह घटना कार्यपालिका द्वारा अधिकारों के दुरुपयोग और लोकतांत्रिक जवाबदेही की अनदेखी का उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई भविष्य में जनप्रतिनिधियों और जनता के बीच संवाद को प्रभावित कर सकती है।

सभापति से कीं ये प्रमुख मांगें 

Rajya Sabha Privilege: राज्यसभा सभापति को लिखे पत्र में Sanjay Singh ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। उन्होंने अनुरोध किया है कि पूरे मामले को विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना के रूप में स्वीकार किया जाए।

साथ ही उन्होंने मांग की है कि प्रकरण को जांच के लिए विशेषाधिकार समिति (Privilege Committee) के पास भेजा जाए। इसके अलावा प्रयागराज के ADM (City) Satyam Mishra और अन्य संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाए तथा दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति की जाए। Sanjay Singh का कहना है कि ऐसी कार्रवाई भविष्य में संसद की गरिमा, सांसदों के अधिकारों और जनता के साथ लोकतांत्रिक संवाद की रक्षा के लिए आवश्यक है।

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