आंदोलन के लिए छात्रों पर ध्यान केंद्रित करें
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन न करने की सलाह दी है। उन्होंने सुझाव दिया कि सीजेपी को छात्रहित में प्रदर्शन करना चाहिए। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा बुलाए गए प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए, यह आरोप लगाते हुए कि विपक्ष अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है।
आठवले ने रविवार को कहा, 'CJP को आंदोलन करने की कोई आवश्यकता नहीं है। मैंने कहा है कि आपकी पार्टी उस समय बनी थी जब नीट परीक्षा में पेपर लीक हुआ था। आपने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा, मोदी जी ने इस्तीफा लिया और आपकी सभी मांगें मान ली गईं। अब ज्ञानेश कुमार के मामले में पड़ने की क्या आवश्यकता है।'
ज्ञानेश कुमार का बचाव
आठवले ने ज्ञानेश कुमार का समर्थन करते हुए कहा, 'ज्ञानेश कुमार ने जो 13 करोड़ वोट काटे हैं, उनमें 6 करोड़ लोग ऐसे हैं जो नौकरी या व्यापार के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर गए हैं। इसी तरह, 1 करोड़ लोग ऐसे हैं जिनके नाम दो जगहों पर हैं, और उनमें से एक नाम काटा गया है। इसके अलावा, 3 करोड़ लोग लापता हैं।'
उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोप निराधार हैं और ये अराजकता को बढ़ावा देने का प्रयास है। आठवले ने कहा, 'जब हमारी सरकार आई, तब लोगों ने वोट दिया। इसलिए चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगना बेबुनियाद है। यह जानबूझकर अराजकता को निमंत्रण देने का काम कर रहा है।'
CJP के लिए चेतावनी
3 अक्टूबर को, आठवले ने अभिजीत दीपके के खिलाफ भी चेतावनी दी थी, जिन्होंने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और प्रधानमंत्री मोदी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। उन्होंने कहा कि यदि दीपके इस तरह के बयानों से पीछे नहीं हटते हैं, तो रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी।
सोमवार को दिल्ली में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की उम्मीद है। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का आयोजन किया है और देशभर से अपने कार्यकर्ताओं को दिल्ली बुलाया है। वहीं, सीजेपी भी सुबह 10 बजे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए पुलिस स्टेशन जाने की योजना बना रही है। सीजेपी ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर उन्हें अनुमति नहीं मिलती है, तो वे खुद प्रदर्शन का स्थान और समय घोषित कर देंगे।





