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Ram Mandir Donation: SIT की जांच तेज, ऑडिट और बैंक रिकॉर्ड खंगाले

Ram Mandir Donation मामले में ऑडिट में अनियमितताओं के बाद SIT ने जांच बढ़ाई। बैंक अधिकारियों व CA से पूछताछ कर वित्तीय लेन-देन की पड़ताल जारी है।

Ram Mandir Donation: SIT की जांच तेज, ऑडिट और बैंक रिकॉर्ड खंगाले
फोटो: Ram Mandir Donation, Donation Theft Investigation
Ram Mandir Donation: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में चढ़ावे से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच को और तेज कर दिया है। शुरुआती जांच और ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई खामियों के बाद अब टीम पूरे वित्तीय लेन-देन की गहराई से पड़ताल कर रही है। इसी क्रम में SBI के मैनेजर समेत कई बैंक कर्मचारियों से विस्तृत पूछताछ की गई है और बैंक से जुड़े रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में लिए गए हैं। इसके साथ ही ट्रस्ट से जुड़े दस्तावेजों और ऑडिट प्रक्रिया की भी बारीकी से जांच की जा रही है।

Ram Mandir Donation: ट्रस्ट से दस्तावेज लिए, ऑडिट प्रक्रिया पर उठे सवाल

Trust Audit Irregularities: सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार सुबह SIT की टीम राम मंदिर परिसर पहुंची, जहां ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai और Anil Mishra से विस्तार से बातचीत की गई। जांच अधिकारियों ने ट्रस्ट के ऑडिट से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज मांगे और उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड का गहन परीक्षण शुरू किया।

बताया जा रहा है कि ट्रस्ट द्वारा कराए गए ऑडिट में कई तरह की अनियमितताएं और प्रक्रियागत खामियां सामने आई हैं। इन्हीं बिंदुओं के आधार पर SIT अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं ऑडिट रिपोर्ट में किसी प्रकार का हेरफेर तो नहीं किया गया। जांच एजेंसी यह भी सत्यापित कर रही है कि वित्तीय लेन-देन में सामने आई गड़बड़ियां महज लापरवाही का परिणाम थीं या इसके पीछे किसी सुनियोजित साजिश की भूमिका है।

जांच का दायरा बढ़ने की संभावना, जमीन सौदों की भी हो सकती है पड़ताल

Donation Theft Investigation: सूत्रों के मुताबिक, SIT फिलहाल चढ़ावा चोरी और उससे जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किए हुए है। हालांकि चर्चा यह भी है कि आने वाले दिनों में जांच का दायरा बढ़ाकर जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े मामलों को भी शामिल किया जा सकता है।

फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच एजेंसी का कहना है कि वर्तमान में प्राथमिकता वित्तीय लेन-देन और ऑडिट से जुड़े तथ्यों का सत्यापन करना है। यदि जांच के दौरान अन्य मामलों से जुड़े ठोस संकेत मिलते हैं, तो उन पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।

बैंक अधिकारियों से लंबी पूछताछ, रिकॉर्ड किए गए जब्त 

Ram Mandir Donation मामले में बैंक की भूमिका भी जांच एजेंसी के रडार पर है। SIT ने एसबीआई के मैनेजर सहित करीब दस बैंक कर्मचारियों से लंबी पूछताछ की है। जांच के दौरान बैंक के विभिन्न लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए गए हैं, ताकि धन के प्रवाह और उससे जुड़े सभी दस्तावेजों का मिलान किया जा सके।

सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में दो से तीन व्यक्तियों की भूमिका संदिग्ध नजर आई है। इसी वजह से बैंक कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और उनके बयानों का मिलान उपलब्ध दस्तावेजों से किया जा रहा है।

बैंक अधिकारी और ट्रस्ट सदस्य के बीच संबंध भी जांच के दायरे में

जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि एसबीआई का एक अधिकारी ट्रस्ट के पदाधिकारी Anil Mishra के घर पर किराए पर रह रहा था। इस जानकारी के सामने आने के बाद जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि कहीं इस व्यक्तिगत संबंध का प्रभाव बैंकिंग प्रक्रिया या वित्तीय लेन-देन पर तो नहीं पड़ा। SIT इस पूरे पहलू की जांच कर रही है कि यह केवल एक सामान्य संयोग था या फिर किसी संभावित मिलीभगत का हिस्सा। इसी आधार पर संबंधित अधिकारियों से लगातार पूछताछ जारी है।

गोपाल राव के अयोध्या छोड़ने से बढ़ी चर्चाएं

Ram Mandir Donation मामले की जांच के बीच मंदिर निर्माण से जुड़े सहायक Gopal Rao के अचानक अयोध्या छोड़ने की भी चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, उनके दिल्ली या कर्नाटक जाने की बात सामने आ रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। उनके अचानक अयोध्या से बाहर जाने को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। हालांकि जांच एजेंसियों की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से भी जुटाई जा रही जानकारी 

राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय लेखा-जोखा की जिम्मेदारी संभाल रहे तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से भी SIT ने संपर्क किया है। इनमें बिहार के चंदन राय, राजस्थान के नरपत थोपिया और अक्षय शामिल हैं। जांच टीम ने इन तीनों से ऑडिट प्रक्रिया, वित्तीय रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों के बारे में विस्तार से पूछताछ की है। अधिकारियों का उद्देश्य यह समझना है कि ऑडिट के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं।

सुरक्षा व्यवस्था में भी हुआ बदलाव

इसी बीच अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक प्रशासनिक बदलाव भी देखने को मिला है। अंडर ट्रांसफर एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे शुक्रवार को रिलीव हो गए। उनकी जगह पीएसी के विजय शंकर मिश्रा शनिवार से एसपी सुरक्षा का कार्यभार संभालेंगे। विजय शंकर मिश्रा शुक्रवार दोपहर अयोध्या पहुंच गए थे और जल्द ही अपनी नई जिम्मेदारी ग्रहण करेंगे।

फिलहाल SIT की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और वित्तीय दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड तथा ऑडिट प्रक्रिया की हर कड़ी को जोड़कर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर कई नए तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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