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Rajyasabha: बीच में बोलने पर चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर पर भड़के कांग्रेस अध्यक्ष खड़के, बोले- ‘तेरा बाप का भी मैं…’

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खरगे बुधवार को संसद में एक भाषण के दौरान भारतीय जनता पार्टी भा.ज.पा. के सांसद नीरज शेखर पर नाराज |

Rajyasabha: बीच में बोलने पर चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर पर भड़के कांग्रेस अध्यक्ष खड़के, बोले- ‘तेरा बाप का भी मैं…’
फोटो: Neeraj Shekhar, Rajyasabha Congress
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खरगे बुधवार को संसद में एक भाषण के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के सांसद नीरज शेखर पर नाराज हो गए। खरगे जी डॉलर के मुकाबले गिरते रुपये के मूल्य पर चर्चा कर रहे थे, तभी नीरज शेखर ने बीच में दखल दिया। इस पर खरगे गुस्से में आ गए और शेखर से कड़ा शब्दों में कहा, "तेरा बाप का भी मैं ऐसा साथी था। तू क्या बात करता है? तुझको लेकर घूमा। चुप बैठ।" इस टिप्पणी से सदन में हलचल मच गई और हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद सभापति जगदीप धनखड़ को हस्तक्षेप करना पड़ा और दोनों पक्षों को शांत करने की कोशिश करनी पड़ी। हालांकि, बाद में दोनों नेताओं ने यह स्वीकार किया कि वे जब भी मिलते हैं, तो आपस में अच्छा व्यवहार करते हैं और इस घटना को ज्यादा बढ़ा-चढ़ा कर नहीं लिया जाना चाहिए।

 मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खरगे सदन में रुपये की गिरती कीमतों पर चिंता जताते हुए सरकार से जवाब मांग रहे थे। इसी दौरान भाजपा सांसद नीरज शेखर ने बीच में टोकते हुए अपनी बात रखी, जिससे खरगे का गुस्सा बढ़ गया। इस पर खरगे ने शेखर को बुरी तरह से 'चुप बैठने' की चेतावनी दी। हालांकि, ये बात और भी दिलचस्प हो गई, क्योंकि नीरज शेखर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्र शेखर के बेटे हैं, जो भारतीय राजनीति में एक प्रतिष्ठित नाम हैं। चंद्र शेखर जी, जो समाजवादी आंदोलन के महत्वपूर्ण नेता रहे थे, अक्टूबर 1990 से लेकर जून 1991 तक भारत के प्रधानमंत्री थे। खरगे की टिप्पणी पर सभापति जगदीप धनखड़ ने तुरंत ही प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चंद्र शेखर जी इस देश के महान नेताओं में से एक हैं और उनका सम्मान करना सभी का कर्तव्य है। उन्होंने खरगे से इस टिप्पणी को वापस लेने के लिए कहा। खरगे ने इसका जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने और दिवंगत चंद्र शेखर जी ने साथ में संघर्ष किए थे, और इस कारण ही उन्होंने यह टिप्पणी की थी। खरगे ने कहा, "मैंने कहा था कि आपके पिता मेरे साथी थे, और आप ऐसे खड़े हो गए जैसे कि कुछ और कह दिया हो।" 

 सभापति ने फिर खरगे से अनुरोध किया कि वह अपनी टिप्पणी वापस लें, क्योंकि उन्होंने चंद्र शेखर जी के प्रति पूरी तरह सम्मान व्यक्त किया। इसके बाद खरगे ने भी स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका किसी का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था और यह सिर्फ एक तात्कालिक प्रतिक्रिया थी। इसके अलावा, खरगे ने भाजपा पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का अपमान करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मनमोहन सिंह के बारे में कई अपमानजनक टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा, "कुछ लोगों ने कहा था कि वह नहाते समय रेनकोट पहनते हैं, कुछ ने कहा कि वह बोलते नहीं हैं, कुछ ने कहा कि वह सरकार नहीं चला सकते। इतनी अपमानजनक बातें उन पर की गईं, लेकिन वह शांत रहे और देश के हित में काम करते रहे। उन्हें 'मौनी बाबा' कहा गया, लेकिन उन्होंने कभी भी उन बातों का प्रतिवाद नहीं किया।"

 नीरज शेखर, जो पहले समाजवादी पार्टी से जुड़े थे, 2019 में भाजपा में शामिल हो गए थे। उनका यह राजनीतिक बदलाव भी चर्चा का विषय बना था। खरगे ने इस संदर्भ में भाजपा की राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह पार्टी हर किसी का अपमान करने में विश्वास रखती है, जबकि कांग्रेस हमेशा इस अपमान को सहने की आदत में रही है।

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