हरियाणा सरकार को लेकर तीखे बोल
Rahul Gandhi statement: राहुल गांधी ने केवल सांसदों तक ही आरोप नहीं सीमित किया। उन्होंने हरियाणा की पूरी बीजेपी सरकार को घुसपैठिया बताया। उनके अनुसार, राज्य की राजनीतिक सत्ता और संस्थाएं पूरी तरह से भाजपा के नियंत्रण में हैं। राहुल ने कहा, जो संस्थाएं अपनी जेब में रखी जाती हैं, जो मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देती हैं, वे खुद ‘रिमोट से नियंत्रित’ हैं। उन्हें असली डर केवल सच्चाई का है। अगर निष्पक्ष चुनाव हो जाएं, तो ये 140 सीटें भी जीत नहीं सकते। इस मामले में राहुल गांधी का बयान सामने आया है।
बंगाल-असम चुनाव और कांग्रेस की प्रतिक्रिया
Rahul Gandhi statement: पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राहुल गांधी ने भाजपा पर चुनाव में गड़बड़ी करने का आरोप और तेज कर दिया है। पश्चिम बंगाल में 294 सीटों में से भाजपा को 207 सीटें मिलीं, वहीं टीएमसी केवल 80 सीटों पर सिमट गई और कांग्रेस की स्थिति बेहद कमजोर रही, केवल 2 सीटें। यह घटनाक्रम राहुल गांधी के बयान के रूप में सामने आया है।
वहीं, असम में 126 विधानसभा सीटों में भाजपा को भारी जीत मिली और पार्टी ने 102 सीटों पर कब्जा किया। कांग्रेस को 21 सीटें मिलीं जबकि एआईयूडीएफ को 2 और अन्य को 1 सीट पर जीत हासिल हुई। राहुल गांधी ने इन परिणामों को लेकर कहा कि भाजपा ने केंद्रीय चुनाव आयोग की मदद से वोट चोरी की है।
अन्य राज्यों में चुनावी तस्वीर
तमिलनाडु: 234 सीटों में टीवीके ने 107 सीटें जीतकर बढ़त बनाई, डीएमके को 74 और एआईडीएमके को 53 सीटें मिलीं।
केरल: यूडीएफ ने 140 विधानसभा सीटों में 100 सीटें हासिल कीं, एलडीएफ को 35 और एनडीए को 3 सीटें मिलीं।
पुडुचेरी: भाजपा गठबंधन को 30 सीटों में से 18, कांग्रेस गठबंधन को 6 और अन्य को 6 सीटें मिलीं।
इन परिणामों से साफ है कि भारत के विभिन्न राज्यों में सत्ता संतुलन लगातार बदल रहा है। राहुल गांधी ने इन राज्यों में चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर बीजेपी पर जोरदार हमला किया। Bengal election results पर भी राहुल गाँधी आक्रामक दिखे।
चुनावी संस्थाओं पर आरोप
Political controversy India: राहुल गांधी ने कहा कि चुनावों की निष्पक्षता पर सबसे बड़ा खतरा उन संस्थाओं से आता है, जो भाजपा के हाथ में हैं। उनका कहना है कि जब मतदान, मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया पर नियंत्रण केंद्रित हो जाए, तो लोकतंत्र की जड़ें कमजोर हो जाती हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि निष्पक्ष चुनावों में भाजपा की स्थिति इतनी मजबूत नहीं होती जितनी लोग सोचते हैं।
राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया कि उन्हें लगता है कि भाजपा ने अपने राजनीतिक दबदबे और संस्थागत नियंत्रण का इस्तेमाल करके चुनावों में फायदा उठाया है। पश्चिम बंगाल और असम के विधानसभा चुनावों के परिणामों ने इस आरोप को और तीव्र बना दिया। कांग्रेस नेताओं की नजर में लोकतंत्र की असली चुनौती न केवल राजनीतिक प्रतिस्पर्धा, बल्कि चुनावी संस्थाओं की निष्पक्षता की रक्षा भी है।
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