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राहुल गांधी ने CJP का खुलकर समर्थन किया, सरकार की कार्रवाई को बताया कायरता

राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आवाज उठाई।

राहुल गांधी ने CJP का खुलकर समर्थन किया, सरकार की कार्रवाई को बताया कायरता
फोटो: Rahul Gandhi Strongly Supports CJP, Calls Government's Actions Cowardice

CJP के समर्थन में राहुल गांधी का बयान

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के आरोप में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजकों आशुतोष रंका और सौरव दास को 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजे जाने के बाद, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहली बार CJP के समर्थन में अपनी आवाज उठाई है।


राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के माध्यम से जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने और युवाओं को जेल भेजने की कार्रवाई को सरकार की 'कायरता' बताया। उन्होंने इस संदर्भ में लिखा, "तिरंगा फहराना अपराध नहीं, यह सरकार की कायरता है।"


प्रदर्शनकारियों के प्रति समर्थन

राहुल गांधी ने CJP नेताओं की गिरफ्तारी का कड़ा विरोध करते हुए कहा, "शांतिपूर्ण प्रदर्शन में जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना कोई अपराध नहीं है। इसके लिए युवाओं को जेल में डालना कायरता का काम है।" उन्होंने आगे कहा, "छात्र, युवा, पत्रकार, 'INDIA' ब्लॉक- अलग-अलग झंडे, लेकिन एक ही मकसद! ये सभी प्रदर्शन एक ही हैं: नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं। जंतर-मंतर भारत की जनता का है और हम इसे वापस छीनकर रहेंगे।"


राजनीतिक विश्लेषण और CJP की भूमिका

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह कदम कांग्रेस और CJP के बीच लंबे समय से चले आ रहे अघोषित तनाव को समाप्त करने का संकेत है। हालांकि, राहुल ने अपने इस बयान में सीधे तौर पर CJP या उसके नेताओं का उल्लेख नहीं किया।


इस वर्ष नीट परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ हुए बड़े छात्र आंदोलन के दौरान CJP एक महत्वपूर्ण युवा ताकत के रूप में उभरा था। जुलाई में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का श्रेय भी CJP ने लिया था। उस समय कांग्रेस और राहुल गांधी ने परीक्षा लीक का मुद्दा उठाया था, लेकिन CJP ने विपक्ष के नेतृत्व से दूरी बनाए रखी थी।


दिल्ली में गिरफ्तारी और आंदोलन की अगली योजना

दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर को आधिकारिक 'प्रोटेस्ट साइट' से हटाने के बावजूद, CJP के नेता आशुतोष रंका और सौरव दास सुरक्षा बैरिकेड्स को पार करके जंतर-मंतर पहुंचे और तिरंगा लहराया। इसके बाद, स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की अदालत ने उन्हें 5 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया।


CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, "आशु और सौरव का कसूर केवल इतना था कि उन्होंने जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराया। अगर असहमति की आवाज़ को दबाने का इतना ही शौक है, तो कायरतापूर्ण हथकंडों के पीछे छिपने के बजाय आपातकाल की घोषणा करने की हिम्मत दिखाइए।" राहुल गांधी के समर्थन के बाद, 'INDIA' ब्लॉक और CJP कार्यकर्ताओं ने 15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के बीच जंतर-मंतर पर फिर से एकत्र होने और संयुक्त जन-प्रतिरोध को तेज करने की योजना बनाई है।