राजनीतिक घमासान की पृष्ठभूमि
दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाली 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की विशाल महारैली से पहले राजधानी में राजनीतिक उथल-पुथल बढ़ गई है। शनिवार, 31 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निवास पर विपक्षी दलों ने एक 'मॉक पार्लियामेंट' का आयोजन किया, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक सांकेतिक 'जन-महाभियोग' प्रस्ताव पारित किया गया।
इस कार्यक्रम में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार का कार्यकाल अधिक समय तक नहीं चलेगा और विपक्ष शीघ्र ही उनके खिलाफ एक महत्वपूर्ण खुलासा करने वाला है।
राहुल गांधी के तीखे आरोप
राहुल गांधी ने 'जन-महाभियोग' की कार्यवाही को संबोधित करते हुए चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर कड़े हमले किए। उन्होंने कहा, "ज्ञानेश कुमार लंबे समय तक CEC के पद पर नहीं रह सकेंगे। यदि बीजेपी उन्हें बचाने में सफल होती है, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि उनका असली खेल क्या है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के विपक्ष को एक बगीचे में बैठकर मुख्य चुनाव आयुक्त के महाभियोग की चर्चा करनी पड़ रही है, क्योंकि सभी संवैधानिक संस्थाओं के दरवाजे हमारे लिए बंद कर दिए गए हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त पर 'देशद्रोह' का मुकदमा चलाना चाहिए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में गड़बड़ी और चुनावी धांधली की गई है, और कहा कि बीजेपी चाहे जितनी धांधली करे, लेकिन भारत की जनता और विपक्ष इसे कभी नहीं भूलेंगे।
विपक्ष का महाभियोग प्रस्ताव
विपक्षी दलों की इस मॉक पार्लियामेंट में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सर्वसम्मति से 'महाभियोग प्रस्ताव' पारित किया गया। विपक्षी सांसदों ने सीईसी पर गंभीर आरोप लगाए, जिनमें मतदाता सूचियों से लाखों वोट हटाना, SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी और चुनावी हेरफेर शामिल हैं।
प्रस्ताव में कहा गया है कि ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता को नष्ट किया है और उनके फैसले 'विनाशकारी और हेरफेर से भरे' रहे हैं।
बीजेपी की तीखी प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने इस 'जन-महाभियोग' पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे लोकतंत्र का मजाक करार दिया। उन्होंने कहा, "यह 'सैटेलाइट' (राहुल गांधी) कभी लॉन्च नहीं होगा। मेरा विपक्षी दलों से अनुरोध है कि कृपया अपनी इस 'मॉक पार्लियामेंट' को समाप्त न करें।"
संबित पात्रा ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा, "राहुल गांधी को कुर्ता-पायजामा पहनाकर उन्हें 'मॉक प्राइम मिनिस्टर' बना दें, हमें इस पर कोई आपत्ति नहीं।" उन्होंने कहा कि यदि भारतीय इतिहास में कभी 'वोट चोरी' हुई है, तो वह पंडित नेहरू द्वारा की गई थी।
आगामी महारैली की तैयारी
इस राजनीतिक विवाद और आरोप-प्रत्यारोप के बीच, 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में 'इंडिया' ब्लॉक द्वारा एक बड़ी महारैली का आयोजन किया जा रहा है। देशभर से विपक्षी दलों के कार्यकर्ता और आम नागरिक इस रैली में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं।
विपक्ष इस रैली के माध्यम से चुनाव आयोग के कार्यों पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की योजना बना रहा है।




