एफआईआर दर्ज करने की मांग
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में कॉकरोच प्रोटेस्ट के दौरान पेलेट गन से घायल हुए एक व्यक्ति की एफआईआर दर्ज करवाने का प्रयास किया। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने उनकी मांग को मानते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। लेकिन इससे पहले, राहुल गांधी दिल्ली पुलिस के कार्यालय में पेलेट गन से पीड़ित साहिल लोचब को लेकर डीसीपी सचिन शर्मा के पास पहुंचे और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांग का सम्मान नहीं किया गया तो वे छह महीने तक धरने पर बैठने को तैयार हैं।
वीडियो में धरने की चेतावनी
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में राहुल गांधी दिल्ली पुलिस अधिकारी को चेतावनी देते हुए कहते हैं कि यदि एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो वे धरने पर बैठ जाएंगे। कांग्रेस नेता ने 20 जुलाई को कनॉट प्लेस में छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके पास इसके पुख्ता सबूत हैं और इसलिए प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।
धरने का आयोजन
राहुल गांधी ने इसके बाद संसद मार्ग भवन थाने में धरने पर बैठते हुए कहा कि जब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होती, वे वहां से नहीं हटेंगे। इसके पश्चात, बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए। कई कार्यकर्ता थाने के भीतर नारेबाजी करते हुए देखे गए। धरना स्थल पर राहुल गांधी के साथ साहिल के परिवार के सदस्य, प्रियंका गांधी वाड्रा, सैलजा कुमारी, अधीर रंजन चौधरी, सलमान खुर्शीद, रणदीप सिंह सुरजेवाला, जयराम रमेश, और हरीश रावत जैसे कई प्रमुख नेता उपस्थित थे।
पीड़ित का हाल और सरकारी जवाब
धरना स्थल पर मीडिया को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने साहिल के शरीर पर लगे छर्रों को दिखाते हुए कहा कि उनके पास इस मामले के सबूत हैं। उन्होंने बताया कि साहिल की आंख में तीन छर्रे हैं, जिससे उसकी एक आंख की रोशनी चली गई है। लेडी हार्डिंग अस्पताल के डॉक्टर की रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा है कि उसके शरीर में छर्रे हैं। उन्होंने पूछा कि यदि दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया, तो यह छर्रे कैसे लगे।
न्याय की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि उनकी एकमात्र मांग प्राथमिकी दर्ज करने की है। उनके साथ साहिल की मां ज्योति और पिता दीपक भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि उन्हें सूचित किया गया था कि उच्च अधिकारियों का आदेश है कि प्राथमिकी दर्ज नहीं करनी है। लेकिन जब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होती, वे यहां से नहीं जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि देश में अनेक लोगों के साथ इस तरह की घटनाएं होती हैं, और वे इस परिवार के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।





