राहुल गांधी की चुनौती
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर खुली बहस के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा कि 24 घंटे हो चुके हैं और मोदी जी, आप विपक्ष को देशद्रोही कहते हैं। आप किसी भी मंच का चयन कीजिए और मेरे साथ बहस कीजिए।
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया कि इस बहस में मीडिया और युवाओं की उपस्थिति होगी। उन्होंने कहा, 'एक साइड आप बैठेंगे, एक साइड मैं। जिसको आप जज बनाना चाहें, उसे बिठा सकते हैं। हम इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा करेंगे।'
सवालों की बौछार
राहुल गांधी ने आगे कहा कि बहस के दौरान कई महत्वपूर्ण सवाल उठेंगे, जैसे कि वित्तीय प्रणाली, अमेरिका के साथ हुए समझौतों के कारण और अडानी मामले में कार्रवाई की अनुपस्थिति। उन्होंने कहा, 'आ जाइए, डरिए मत। दूध का दूध, पानी का पानी कीजिए।'
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मोदी जी ने उन पर मानहानि के कई मामले दायर किए हैं, लेकिन इस बहस में विदेशी कनेक्शन पर चर्चा करने से क्यों कतराते हैं। राहुल ने यह भी कहा कि वे खुले तौर पर इन मुद्दों पर बात करने के लिए तैयार हैं।
केंद्रीय मंत्री का प्रतिक्रिया
राहुल गांधी के इस चैलेंज पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर लिखा कि यह बात इस्लामी कट्टरपंथियों की धर्मनिरपेक्षता की बात करने जैसी है। रिजिजू ने राहुल गांधी द्वारा दी गई बहस की चुनौती को भी खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि उच्च स्तर की बहसें परिपक्व लोगों के बीच होती हैं। केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस नेता पर आरोप लगाया कि वे भारत के दुश्मनों के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि दूसरों पर विदेशी समर्थन का आरोप लगाना स्वयं को मजाक में डालना है।





