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राहुल गांधी और अखिलेश यादव की ओपन बस यात्रा: यूपी चुनाव का संदेश?

विपक्षी एकता का प्रतीक, रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

राहुल गांधी और अखिलेश यादव की ओपन बस यात्रा: यूपी चुनाव का संदेश?
फोटो: Rahul Gandhi and Akhilesh Yadav's Open Bus Journey: A Message for UP Elections?

विपक्षी नेताओं का रैली में एकजुटता

एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का काफिला जब मिंटो रोड से रामलीला मैदान की ओर बढ़ा, तो राहुल गांधी और अखिलेश यादव एक ही ओपन बस में बैठे हुए नजर आए। इस रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। विपक्ष के प्रमुख नेताओं में राहुल गांधी, अखिलेश यादव, मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी, ममता बनर्जी, सुप्रिया सुले, महबूबा मुफ्ती और फारूक अब्दुल्ला शामिल थे।


राहुल गांधी और अखिलेश यादव की एक ही बस में यात्रा को विपक्षी एकता का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। यह दृश्य आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण संदेश देता है।


कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ का उत्साह

मिंटो रोड पर सपा और अन्य विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं की एक बड़ी संख्या अपने नेताओं का इंतजार कर रही थी, जबकि कई लोग पहले से ही रामलीला मैदान पहुंच चुके थे। दिल्ली पुलिस ने इस रैली में 50,000 लोगों के पहुंचने का अनुमान लगाया है, जबकि कांग्रेस ने 10 लाख लोगों की उपस्थिति का दावा किया है। कनाट प्लेस से रामलीला मैदान तक विपक्ष के समर्थकों की भीड़ नजर आ रही थी, जिसमें समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता प्रमुखता से शामिल थे।


इस रैली का उद्देश्य 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस की शक्ति प्रदर्शन करना है, और समाजवादी पार्टी भी इस अवसर पर अपने कार्यकर्ताओं को दिल्ली लाने में सफल रही है।


सीटों के बंटवारे पर गतिरोध

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस आधी सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा कर चुकी है, जबकि समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस से उम्मीदवारों की सूची मांग रखी है। इस मुद्दे पर अब तक सीटों का बंटवारा नहीं हो पाया है। राहुल गांधी और अखिलेश यादव की ओपन बस में यात्रा को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषक यह मानते हैं कि कांग्रेस ज्यादा समझौता करने के मूड में नहीं है।


इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश में बीजेपी को हराने के लिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सहयोग की आवश्यकता भी महत्वपूर्ण है।


कांग्रेस की प्रासंगिकता और आत्मविश्वास

रामलीला मैदान में सफल रैली के आयोजन से कांग्रेस का आत्मविश्वास बढ़ेगा। यह संदेश भी स्पष्ट होगा कि देश में कांग्रेस की प्रासंगिकता कम नहीं हुई है और वह केंद्र के लिए एक मजबूत विकल्प बनी हुई है।


आगामी विधानसभा चुनावों में इस रैली का प्रभाव देखने को मिल सकता है, जिससे कांग्रेस की स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।