महिलाओं पर अत्याचार के आरोप
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को केंद्र सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं के खिलाफ अत्याचार कर रही है ताकि उनकी आवाज को दबाया जा सके। राहुल गांधी ने एक वीडियो साझा किया जिसमें उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने लिखा कि पुलिस महिलाओं के खिलाफ बर्बरता की सभी सीमाएं पार कर चुकी है।
राहुल गांधी के अनुसार, 'यौन उत्पीड़न, कपड़ों को खींचना और निजी अंगों पर हमले जैसे घटनाएं हो रही हैं। यह सब लोकतंत्र के लिए आवाज उठाने वाली छात्राओं और महिलाओं के साथ हो रहा है।'
लड़कियों की आपबीती
राहुल गांधी द्वारा साझा किए गए वीडियो में कुछ लड़कियां अपने साथ हुई घटनाओं के बारे में बताती हैं। एक लड़की ने कहा कि उसे फ्रैक्चर हुआ है, जबकि दूसरी लड़की ने आरोप लगाया कि एसीपी लांबा उन्हें अपशब्दों के साथ धक्का देकर कह रहे हैं कि 'इन लड़कियों को इनके प्राइवेट पार्ट्स से पकड़-पकड़कर डालो।'
एक और लड़की ने कहा कि उनके कपड़े खींचे जा रहे हैं और उन्हें अपने कपड़े ठीक करने का समय भी नहीं दिया जा रहा है। उसने यह भी बताया कि उन्हें पिन चुभाई गई।
पुलिस की बर्बरता का भंडाफोड़
एक अन्य लड़की ने कहा, 'हमें तो नाश्ते में लाठी खाने को मिलती है, कभी-कभी शाम के वक्त भी।' उसने यह आरोप लगाया कि हमारे लोकतंत्र पर हमला किया जा रहा है और हमारे अधिकारों को एसआईआर के जरिए छीना जा रहा है। जब हम इसे बचाने के लिए सड़कों पर उतरते हैं, तो हमें वहां भी निशाना बनाया जा रहा है।
राहुल गांधी ने इन सभी घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि देश में बहुत से लोग लोकतंत्र में विश्वास नहीं रखते हैं।
प्रधानमंत्री और आरएसएस पर आरोप
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत पर भी निशाना साधा, यह कहते हुए कि वे लोकतंत्र में विश्वास नहीं रखते हैं। उन्होंने कहा कि यह सब आवाजों को दबाने की एक साजिश का हिस्सा है, जिसमें लोगों को इतना डरा दिया जाए कि वे दोबारा सवाल उठाने की हिम्मत न करें।
उन्होंने कहा कि मोदी और शाह को यह डर है कि जब उनकी सत्ता हाथ से जाएगी, तब उनकी मनमानी खत्म हो जाएगी। उनका यह डर पुलिस तक पहुंचता है और यह हिंसा बनकर देश के युवाओं और महिलाओं पर टूटता है।





