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उमर अब्दुल्ला की शादी के बीच पार्टी में असंतोष, 25 विधायक नाराज

नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने सरकार के खिलाफ पांच मांगें रखी हैं।

उमर अब्दुल्ला की शादी के बीच पार्टी में असंतोष, 25 विधायक नाराज
फोटो: Political Discontent Amid Omar Abdullah's Wedding, 25 MLAs Upset

शादी की खुशी में राजनीतिक संकट

जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की शादी के अवसर पर राजनीतिक संकट के संकेत मिल रहे हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के 25 विधायक बगावत की तैयारी में हैं और उन्होंने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की चेतावनी दी है। हालांकि, इस मामले में आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं हुई है, और केवल अटकलें ही चल रही हैं। पार्टी के कई नेता इन बातों को खारिज कर रहे हैं, लेकिन नाराज विधायकों ने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं।


जम्मू और कश्मीर में एनसी के नेतृत्व वाली सरकार में कांग्रेस भी एक सहयोगी दल है। इंडिया टुडे के अनुसार, नाराज विधायकों ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को अपनी मांगों को पूरा करने के लिए 14 दिन का समय दिया है। यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे राजभवन तक मार्च कर औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने की बात कर रहे हैं।


नाराज विधायकों की मुख्य मांगें

सूत्रों के अनुसार, नाराज विधायकों ने मांग की है कि सरकार के सभी मौजूदा मंत्रियों को हटाया जाए। इसके अलावा, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार को बदलने और निष्पक्ष तरीके से नए मंत्रियों की नियुक्ति की भी मांग की गई है। चौथी मांग के तहत विधायकों की बैठक पहले होनी चाहिए, और आर्टिकल 370 तथा आर्टिकल 35ए को बहाल करने की बात भी कही गई है।


यह संकट तब और बढ़ गया जब 27 अक्टूबर को मंत्रिमंडल में विस्तार किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने चार नए विधायकों को शामिल किया। इस निर्णय से कई वरिष्ठ विधायकों में असंतोष पैदा हुआ, जिनमें गुल और अब्दुल मजीद लारमी जैसे विधायकों ने अपनी नाराजगी सार्वजनिक रूप से व्यक्त की।


इस्‍तीफों की घोषणा

रिपोर्टों के अनुसार, नाराज विधायकों की संख्या 25 बताई जा रही है, लेकिन किसी भी विधायक ने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। पार्टी के लोकसभा सांसद अगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने इस्तीफे की घोषणा की है और 3 नवंबर की तारीख तय की है।


उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व ने जनता से किए गए वादों का सम्मान नहीं किया है और उन्हें मूर्ख समझा जा रहा है। मेहदी ने कहा, 'हम इस अपमान का हिस्सा बनने से इनकार करते हैं। पार्टी के भीतर फैली सड़न को अंदर से ठीक नहीं किया जा सकता।'


आर्टिकल 370 पर सांसद का बयान

मेहदी ने आगे कहा कि अनुच्छेद 370 की बहाली, कैदियों की रिहाई और उनके अधिकारों की सुरक्षा की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इन वादों के आधार पर सत्ता में आए और अब जब उनकी उम्मीदें टूटी हैं, तो उन्हें ही बहस में शामिल किया जा रहा है।


इस बीच, मेहदी ने आगामी उपचुनाव में श्रीनगर लोकसभा सीट से लड़ने की संभावना भी जताई। उन्होंने 3 नवंबर को बडगाम में एक जनसभा को संबोधित करने की योजना बनाई है।


पार्टी में वफादारी की बातें

नेशनल कॉन्फ्रेंस के पास कुल 41 विधायक हैं, और पार्टी के विधायक हिलाल अकबर लोन ने नाराजगियों को नकारते हुए कहा कि उन्हें पार्टी के प्रति अपनी वफादारी बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, 'हमने पार्टी और अपने नेता के लिए जो कुछ भी किया है, वही हमारे राजनीतिक जीवन का आधार है।'


लोन ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी स्थिति में पार्टी का साथ छोड़ने का इरादा नहीं रखते हैं और पार्टी के प्रति उनकी वफादारी उनके पदों से कहीं ऊपर है।