विकास परियोजनाओं का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में 13000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, राष्ट्र को समर्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में रेलवे, बंदरगाह, राजमार्ग, पेट्रोलियम और वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़े विभिन्न क्षेत्र शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार किसी भी सहायता के लिए राज्य सरकार के साथ खड़ी है।
दिल्ली से चेन्नई पहुंचने के बाद, मोदी का स्वागत राज्यपाल आर वी आर्लेकर, मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय, मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने किया। स्वागत करने वालों में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन और अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी शामिल थे।
मेट्रो यात्रा से कार्यक्रम की शुरुआत
प्रधानमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत मुख्यमंत्री के साथ चेन्नई मेट्रो ट्रेन में यात्रा करके की। यह मुख्यमंत्री विजय का प्रधानमंत्री के साथ पहला सार्वजनिक कार्यक्रम था। दोनों नेताओं ने चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के चरण-दो के पहले 14.64 किलोमीटर लंबे हिस्से का उद्घाटन किया, जिसमें पोरूर बाइपास स्टेशन से पूनमल्ली बाइपास स्टेशन तक यात्रा की गई।
इसके बाद, मोदी ने लगभग 4900 करोड़ रुपये की लागत से बनी मेट्रो परियोजना के चरण-दो के पूनमल्ली-वडपलनी हिस्से का उद्घाटन किया, जिसमें 3.7 किलोमीटर लंबा अनोखा डबल-डेकर ढांचा और अत्याधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली शामिल है। इस नए मार्ग से यात्रियों के समय की बचत होगी और चेन्नई के पश्चिमी उपनगरों का शहर से संपर्क बेहतर होगा।
आईआईटी मद्रास में पूजा और कार्यक्रम
मेट्रो यात्रा के बाद, प्रधानमंत्री ने सड़क मार्ग से आईआईटी-मद्रास पहुंचकर जलकंडेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद, उन्होंने आईआईटी-मद्रास के 'ब्रेन सेंटर' का दौरा किया, जहां उन्होंने शीर्ष 10 स्टार्टअपों के संस्थापकों से बातचीत की और गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले तथा दिव्यांग बच्चों से मुलाकात की।
एक जनसभा में, मोदी ने 13000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया, जिसमें चेन्नई मेट्रो के चरण-दो का पहला हिस्सा, राष्ट्रीय राजमार्ग 744, प्रमुख बंदरगाहों की अवसंरचना परियोजनाएं और पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का शामिल किया गया।
रेलवे ओवर ब्रिज और वैज्ञानिक पहल
प्रधानमंत्री मोदी ने कराईकल-पेरलम रेल लाइन और कोयंबटूर में तीन रेलवे ओवर ब्रिज को भी देश को समर्पित किया। इसके साथ ही, उन्होंने ब्रेन एटलस और '100 ह्यूमन ब्रेन्स' मिशन की घोषणा की, जिसका उद्देश्य मानव मस्तिष्क और बीमारियों के बारे में 3डी ब्रेन एटलस को आम जनता की पहुंच में लाना है।
आईआईटी मद्रास में सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर को समर्पित करते हुए, मोदी ने कहा कि इस मिशन के तहत 100 से अधिक मानव मस्तिष्कों को थ्री-डायमेंशनल एटलस में मैप किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य तंत्रिका विज्ञान में अनुसंधान क्षमता को मजबूत करना है।
नवीनतम अनुसंधान संसाधन का विमोचन
प्रधानमंत्री ने सी-स्ट्रोक का विमोचन भी किया, जिसे एक नया मानव इस्केमिक स्ट्रोक एटलस बताया गया है। इसमें स्ट्रोक से प्रभावित मस्तिष्क के 1000 से अधिक एनोटेटेड माइक्रोस्कोपिक सेक्शन शामिल हैं, जो अनुसंधानकर्ताओं को स्ट्रोक के कार्यप्रणाली की जांच करने में मदद करेगा।
ब्रेन-मैपिंग मिशन और स्ट्रोक एटलस मिलकर शोध कार्यों की पहुंच को बढ़ाने और न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के बारे में नए ज्ञान को सामने लाने का कार्य करेंगे।





