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खरगे के विवादास्पद बयान पर पवन खेड़ा का समर्थन

पवन खेड़ा ने खरगे के बयान को संघ के प्रति इशारा बताया।

खरगे के विवादास्पद बयान पर पवन खेड़ा का समर्थन
फोटो: Pawan Khera Supports Kharge's Controversial Statement

खरगे के बयान पर विवाद बढ़ा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के 'मोदी का बाप भी जाएगा' वाले बयान को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। इस बयान के बाद पार्टी के नेता पवन खेड़ा ने खुलकर उनका समर्थन किया है। खेड़ा का कहना है कि खरगे के इस बयान का संदर्भ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैचारिक गुरु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर था। इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने खरगे से माफी मांगने की मांग की है।


यह विवाद पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ, जहां खरगे के भाषण के बीच एक व्यक्ति ने कहा कि 'प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाने वाले।' इस पर खरगे ने जवाब देते हुए कहा, 'मोदी का बाप भी जाएगा।' यह टिप्पणी तुरंत ही राजनीतिक हलचलों का कारण बन गई।


खरगे के प्रति अपमानजनक व्यवहार की निंदा

पवन खेड़ा ने कहा कि संघ और बीजेपी से जुड़े लोगों ने खरगे के साथ दूसरी बार अपमानजनक व्यवहार किया है। उन्होंने उत्तराखंड में पहले हुई एक घटना की ओर इशारा करते हुए आरोप लगाया कि खरगे, जो दलित समुदाय से आते हैं, के साथ शुद्धिकरण के नाम पर ऐसा व्यवहार किया गया। उन्होंने पटना में कार्यक्रम के दौरान एक बीजेपी कार्यकर्ता द्वारा खरगे के प्रति की गई अभद्र टिप्पणी का भी जिक्र किया।


खेड़ा के अनुसार, खरगे ने इस अपमानजनक टिप्पणी के जवाब में कहा था कि मोदी भी जाएंगे और उनके पिता भी जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि खरगे का इशारा आरएसएस और उसके प्रमुख मोहन भागवत की ओर था।


बघेल ने भी किया खरगे का बचाव

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी खरगे के बयान का समर्थन किया है। बघेल ने कहा कि भाषण के दौरान कोई लगातार चिल्ला रहा था और खरगे ने उसी के जवाब में अपनी बात कही। उन्होंने सवाल उठाया कि इस बयान में अपमानजनक क्या है।


भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी के पुराने बयानों का उल्लेख करते हुए बीजेपी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मोदी ने स्वयं कई बार ऐसी भाषा का प्रयोग किया है, लेकिन उस समय बीजेपी के नेता चुप रहते हैं। बघेल ने यह स्पष्ट किया कि खरगे का बयान राजनीतिक संवाद का हिस्सा था और इसे अपमान नहीं माना जाना चाहिए।