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राष्ट्रीय • दिल्ली

विपक्ष की एकजुटता से एनडीए की चिंताएं बढ़ीं, चुनावी रणनीति पर ध्यान

विपक्ष के आंदोलनों से सरकार की स्थिति कमजोर, एनडीए नए उपायों की खोज में है।

विपक्ष की एकजुटता से एनडीए की चिंताएं बढ़ीं, चुनावी रणनीति पर ध्यान
फोटो: Opposition Unity Raises NDA Concerns, Focus on Election Strategy

मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर टकराव

एसआईआर के संदर्भ में मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव एक संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। इस विषय ने विपक्ष को एकजुट किया है, जबकि एनडीए के भीतर असुरक्षा की भावना बढ़ी है। भाजपा और उसके सहयोगी दल विपक्ष पर तीखे हमले कर रहे हैं, लेकिन साथ ही जनता का विश्वास जीतने की आवश्यकता ने उनकी चिंताओं को बढ़ा दिया है।


पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद एनडीए के लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है। नीट पेपर लीक के खिलाफ देशभर में हुए छात्र आंदोलनों ने सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना पड़ा। इस प्रकार के आंदोलनों ने सरकार की स्थिति को कमजोर किया है और अब एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष ने और अधिक दबाव डालना शुरू कर दिया है।


सरकार के नए उपायों की खोज

विपक्ष के आंदोलनों में छात्र समूहों का भी समावेश हो चुका है, जिससे सरकार की चिंताएं और बढ़ गई हैं। जनता के एक हिस्से का परोक्ष समर्थन मिलने से सरकार अब नए उपायों की खोज कर रही है। चुनाव आयोग से जुड़े विवादों को नियंत्रित करने के प्रयास में, एनडीए के नेता समझते हैं कि उन्हें जनता का विश्वास अर्जित करने की आवश्यकता है, न कि केवल विपक्ष को जवाब देने की।


भाजपा को विपक्ष द्वारा सीधे चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर किए गए हमलों का उत्तर देना आवश्यक है। इसी कारण भाजपा ने आयोग के प्रति समर्थन का माहौल पैदा करने की कोशिश की है। सूत्रों के अनुसार, एनडीए विरोधी धार को कमजोर करने के लिए एक नया अभियान जल्द ही प्रारंभ कर सकता है।


राज्यों के चुनावों की चुनौती

भाजपा नेतृत्व अब इस बात पर निर्भर करेगा कि वह अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर विपक्ष के हमलों का समुचित उत्तर कैसे देती है। यूपी सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव निकट हैं, ऐसे में सत्तारूढ़ गठबंधन के समक्ष चुनौतियां बढ़ सकती हैं।


हालांकि, यह देखना मुश्किल होगा कि इस रणनीति का जमीन पर कितना प्रभाव पड़ेगा। एनडीए के घटक दल जैसे जदयू, लोजपा (रामविलास), हम और अपना दल इस समय विचार-मंथन कर रहे हैं।