विपक्षी गठबंधन का कड़ा रुख
वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियानों और कथित 'वोट चोरी' के आरोपों के चलते विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है। 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में होने वाली विशाल रैली में तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
इस महारैली के माध्यम से विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन करने का इरादा रखता है।
प्रत simbolात्मक संसद का आयोजन
विपक्षी दलों ने 1 नवंबर की रैली से पूर्व 30 अक्टूबर को दिल्ली में 'मॉक पार्लियामेंट' यानी प्रतीकात्मक संसद आयोजित करने का निर्णय लिया है। कांग्रेस महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल के अनुसार, इस कार्यक्रम के दौरान विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगे आरोपों का लेखा-जोखा जनता के समक्ष पेश करेंगे और उनके इस्तीफे की मांग करेंगे।
इसके उपरांत, 'दिल्ली चलो' अभियान के तहत देश भर से विपक्षी कार्यकर्ता और नागरिक समाज के प्रतिनिधि दिल्ली पहुंचेंगे, जिसका समापन 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली महारैली के साथ होगा।
बड़ी हस्तियों की उपस्थिति
1 नवंबर को सुबह 11:30 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के लिए विपक्षी दलों ने बड़े पैमाने पर तैयारियां की हैं। कांग्रेस का दावा है कि लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए इस रैली में कम से कम 10 लाख लोगों की भागीदारी होगी।
इस महारैली में केवल राजनीतिक दल ही नहीं, बल्कि सिनेमा और नागरिक समाज की प्रमुख हस्तियां भी शामिल होंगी। इसमें अभिनेता से नेता बने कमल हासन, समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन और प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता-advocate प्रशांत भूषण की उपस्थिति की उम्मीद है।
ममता बनर्जी की संभावित उपस्थिति
सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी 30 अक्टूबर को ही दिल्ली पहुंचने की संभावना है। चुनाव आयोग के साथ उनकी एक बैठक और विपक्ष के 'पब्लिक इमपीचमेंट' कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति इस पूरे आंदोलन को और मजबूती दे सकती है।
इंडिया गठबंधन का आरोप है कि चुनाव आयोग का SIR अभियान पारदर्शी नहीं है और इसके चलते लाखों वैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं।
मुख्य मांगें और प्रशासनिक तैयारियां
विपक्ष की मुख्य मांगों में शामिल हैं: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा या उन्हें हटाया जाना, SIR प्रक्रिया पर रोक और चुनावों में EVM की जगह बैलेट पेपर की वापसी।
दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में इस रैली के आयोजन की अनुमति दे दी है और ट्रैफिक तथा सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासनिक तैयारियां भी प्रारंभ कर दी गई हैं।





