लंच बैठक का आयोजन
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लगातार दूसरे दिन विपक्षी सांसदों को लंच बैठक के लिए आमंत्रित किया। आज यह बैठक दिल्ली के कनॉट प्लेस में आयोजित की गई। इस बैठक में शामिल होने के लिए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अभिषेक बनर्जी सहित कई विपक्षी सांसद पहुंचे। उल्लेखनीय है कि पिछले दिन भी लंच के बाद सांसद सड़क पर उतरे थे, जहां उन्हें पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया था। खरगे की यह बैठक विपक्षी दलों की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।
प्रदर्शन की तैयारी
7 अक्टूबर को भी, लंच के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर की तरफ बढ़े थे। उनका कहना था कि वे मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनाव प्रक्रिया के संबंध में अपनी चिंताएँ व्यक्त करना चाहते थे।
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने इस बात की पुष्टि की कि पार्टी प्रमुख ने सभी सांसदों को लंच के लिए बुलाया है। उन्होंने कहा कि विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं होता।
सुरक्षा व्यवस्था में चाक-चौबंद
दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान बड़ी संख्या में तैनात हैं, जिसमें महिला कर्मी भी शामिल हैं। पुलिस ने बैठक स्थल के बाहर बैरिकेडिंग की है और चारों तरफ घेराबंदी कर दी है ताकि कोई भी अनियोजित मार्च या भीड़ अचानक आगे न बढ़ सके। सुरक्षा बलों को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
कार्यकर्ताओं की उपस्थिति
बैठक स्थल पर यूथ कांग्रेस और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के कार्यकर्ता पहले से ही उपस्थित हो गए थे। उन्होंने नारेबाजी करते हुए कथित वोट चोरी के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे अपने नेताओं के साथ खड़े हैं और जरूरत पड़ने पर मार्च में शामिल होने के लिए तैयार हैं।
भविष्य की रणनीति
बैठक के पास कई बसें खड़ी देखी गई हैं, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि नेता और कार्यकर्ता बैठक के बाद किसी प्रदर्शन की तैयारी में हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, विपक्ष जंतर-मंतर, राजघाट या चुनाव आयोग के दफ्तर की ओर मार्च करने की संभावना पर विचार कर रहा है।
बैठक में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अभिषेक बनर्जी जैसे कई नेता शामिल हैं। मुख्य चर्चा का विषय चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन की आगे की रणनीति तय करना है।





